योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के इन भत्तों को लेकर किया ये बड़ा ऐलान

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कोरोना वायरस के संक्रमण से फैली महामारी के बीच उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्तिथि भी कमजोर हो गई है. जिसको देखते हुए सरकारी कर्मचारियों पर भी अब योगी सरकार की गाज गिर गई है. योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की 6 प्रकार के भत्तों को ख’त्म करने जा रही है.उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना के साथ साथ आर्थिक स्तिथि से भी लड़ रही है. वहीँ इन सबके बीच योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों के भत्तों पर कैं’ची चलाई है. सरकार ने नगर प्रतिकर (सीसीए) भत्ता और सचिवालय भत्ता समेत कर्मचारियों के 6 प्रकार के भत्तों को ख़त्म करने का फैसला लिया है.

आपको बता दें की सरकार ने जो सरकारी करमचारियों के भत्ते को ख’त्म करने की बात की है. उस पर मुहर लगा दी गई है. इसको लेकर जल्द ही वित्त विभाग शासनादेश भी जारी कर सकता है. अनुमान के मुताबिक, इन भत्तों के ख’त्म होने से सरकार को एक साल में 1500 करोड़ की बचत होगी.योगी सरकार के इस फैसले के बाद से राज्य के कर्मचारी, शिक्षक और पुलिस विभाग को मिलने वाले सचिवालय भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता और अवर अभियंताओं का विशेष भत्ता कम हो जाएगा. जिसे सरकार फायदा होगा और कही न कही आर्थिक स्तिथि पर फर्क पड़ेगा. इसके अलावा पुलिस विभाग की अपरा’ध शाखा, सीबीसीआईडी, भ्रष्‍टाचार निवारण संगठन, आर्थिक अप’राध अनुसंधान विभाग, अभिसूचना विभाग, विजिलेंस, सुरक्षा शाखा के अधिकारीयों और कर्मचारियों के वेतन में कमी आएगी.

योगी सरकार ने लोक निर्माण विभाग में जो अधिकारी व कर्मचारियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता और डिजाइन भत्ता अब नहीं मिलेगा. वही सिचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को इन्वेस्टीगेशन एंड प्लानिंग भत्ता नहीं दिया जायेगा.आर्थिक हालत सही नही होने की वजह से सरकार ने शराब की बिक्री शुरू की थी और अब योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारी के भत्तों पर भी केंची चलाई है और इससे सरकार को कुछ तो आर्थिक स्तिथि को लेकर लाभ मिलेगा.