प्रवासी मजदूरों के वापस आते ही एक्शन में आये सीएम योगी,मजदूरों की मदद के लिए बनाया ये एक्शन प्लान

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लॉकडाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लाखों प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश लौटे. अब इन प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश में ही रोजगार देने के लिए योगी सरकार ने कमर कस लिया है और एक्शन प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. इसी सिलसिले में आज अफसरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा निर्णय लिया. प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए और उनको राज्य में ही रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक प्रवासी आयोग बनाने का ऐलान किया है. उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि पीएम मोदी द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज के तहत उत्तर प्रदेश को पूरा लाभ मिले इसके लिए भी योजना बनाई जाए.

सीएम योगी ने कहा कि प्रवासी आयोग के तहत श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए और उनका सारा ब्यौरा इकट्ठा किया जाए. फिर उन्हें उनके स्किल के हिस्बा से रिओजगार दे कर उन्हें मानदेय देने की व्यवस्था की जाए. सीएम योगी ने कहा कि कृषि विभाग और दुग्ध समितियों में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है. मुख्‍यमंत्री ने बताया कि अब तक 23 लाख प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश वापस लाया जा चुका है. प्रवासी आयोग बन जाने के बाद कामगारों व मजदूरों को रोजगार सुनिश्चित हो सकेगा.

सीएम योगी ने कहा कि वापस आने वाले श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग कर उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेजा जाए या जरूरत के हिसाब से होम क्वारंटीन किया जाए. उन्होंने आदेश दिया कि होम क्वारंटीन किए जाने वाले श्रमिकों व कामगारों को खाद्यान्न किट जरूर दी जाए और इनके राशन कार्ड भी बनवाए जाएं. इसके अलावा होम क्वारंटीन के दौरान 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए आर्थिक पैकेज के तहत आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए. इस पैकेज में किराए का मकान देने की योजना को भी शामिल करने का निर्देश दिया. इससे गरीब कामगारों को सस्ते किराए पर मकान उपलब्ध हो सकेगा .