केंद्र सरकार के बाद अब सीएम शिवराज सिंह ने ममता बनर्जी पर साधा नि’शाना, अब क्या करेंगी ममता बनर्जी ?

957

पश्चिम बंगाल कोरोना सं’कट के वक़्त भी राजनीति का सेण्टर बना हुआ हैं. केंद्र से लेकर हर राज्य सरकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर नि’शाना साध रहें हैं. ममता बनर्जी हमेशा से अपने मन की करती आ रही हैं. कोरोना के वक़्त में भी उन्होंने बंगाल के अंदर कोरोना से हुई मौ’तों का डेटा छुपाने का सबसे बड़ा क्रा’इम किया हैं और न ही वो केंद्र की कोई बात मानती है. केंद्र में उनसे मजदूरों को लेकर पत्र लिखा था. लेकिन अभी तक ममता ने उसपर कोई भी जवाब नहीं दिया हैं.

अब ममता सरकार के उपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुगली फेंकी हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ममता को एक पत्र लिखा है. उन्होंने उस पत्र में इंदौर में पश्चिम बंगाल के उन तमाम मजदूरों का जिक्र किया है जो लॉकडाउन  में इंदौर में फं’स गए हैं.

शिवराज सिंह ने चिट्ठी में लिखा है कि ‘ये मजदूर अपने घर वापस जाना चाहते हैं, लेकिन इंदौर से बंगाल के विभिन्न शहरों की दूरी ज्यादा होने की वजह से जा नहीं पा रहे हैं. जो निजी वाहनों से जाना भी चाहते हैं, उनके लिए ऐसा करना मुश्किल है. क्योंकि इतना लंबा सफर करना ज्यादा महंगा होगा. लिहाजा शिवराज ने ममता बनर्जी से अनु’रोध किया है कि वह रेल मंत्रालय से इस संबंध में बात करें.यह अनुरो’ध करें कि केंद्र सरकार इंदौर से कोलकाता के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाए, ताकि ये मजदूर अपने घर पश्चिम बंगाल पहुंच सकें’

कोरोना संक’ट को लेकर लॉकडाउन किया गया था. अब मध्य प्रदेश के मुखिया  शिवराज सिंह चौहान ने भी उनको चिट्ठी लिखकर ममता बनर्जी के सामने एक और मुसीबत खड़ी कर दी है. अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता के सामने दो ही रास्ते हैं. पहला रास्ता ये है कि वो रेल मंत्री से बात करें और उनसे कहें कि इंदौर में फं’से मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाये और ताकि इंदौर से पश्चिम बंगाल वापस भेजा जाये. दूसरा रास्ता ये है कि ममता जैसे केंद्र सरकार के पत्र की अ’नदेखी करती आई हैं वैसे ही शिवराज सिंह के पत्र की भी अनदेखी कर दें.

उसके बाद ममता के उपर ये आ’रोप जरुर लगेंगे की उनको अपने मजदूरों की चिंता नहीं हैं. लेकिन देखने वाली बात ये हैं कि आखिर ममता बनर्जी क्या करेंगी क्या कोई कदम उठाएंगी या नहीं?