बिहार चुनाव में सीएम नीतीश कुमार ने बनाया ‘मास्टर प्लान’, इस प्लान के साथ जायेंगे लोगों के बीच

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बिहार चुनाव का आखिरकार बिगुल बज चूका है. कल चुनाव आयोग ने बिहार के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बिहार का विधानसभा चुनाव तीन चरणों में संपन्न होगा. पहला चरण 28 अक्टूबर दूसरा और तीसरा चरण 3 और 7 अक्टूबर को होगा. जबकि चुनाव का परिणाम 10 अक्टूबर को आएगा. उस दिन पता चलेगा की बिहार में सत्ता पर में वापसी नीतीश कुमार की होगी या महागठबंधन आएगा.

कोरोना का’ल में पहली बार हो रहे इस विधानसभा चुनाव में काफी कुछ बदल गया है. लेकिन अगर कुछ नहीं बदला है तो वो है एजेंडा और चुनाव के मुद्दे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही ऐलान कर दिया कि वो इस बार किस एजेंडे को लेकर जनता के बीच जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘इस बार सात निश्चय-2 लेकर मतदाताओं के बीच जाएंगे और अगर सत्ता में वापस आये, तो हम सात निश्चय के तहत कराये गएं कामों का मेंटेंनेंस करेंगे. साथ ही सात निश्चय-टू की घोषणाओं को पूरा करेंगे.’

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘सबको सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है. ऐसे में सरकार हर जिले में युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए मेगा स्किल सेंटर खोलेगी, जिसमें प्रशिक्षण दिया जाएगा. संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर जायेगा. स्किल को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई और पॉलीटेक्निक की शाखाओं का विस्तार किया जाएगा.’

बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सभी पार्टियों में खीं’च’ता’न मची हुई हैं. एनडीए में एलजेपी के साथ त’ना’त’नी बनी हुई है तो महागठबंधन में सीट बं’ट’वा’रे को लेकर को और उनके धीरे रवैये को लेकर उनके साथ नाराज़ चल रहे हैं. यही वजह है की उपेंद्र कुशवाहा अपना नाता महागठबंधन के साथ तो’ड’ना चाहते है और हो सकता है एक बार फिर से एनडीए की नाव पर सवार हो जाएँ.