इन दो मंदिरों पर नियंत्रण को लेकर महाराष्ट्र में मची खींचतान, तीनों दल आये आमने-सामने

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महाराष्ट्र में कैसे भी जोड़ तोड़ कर सरकार तो बना ली गयी, लेकिन अब शिवसेना कांग्रेस और NCP के बीच मतभेद कई चीजों को लेकर सामने आ रहे हैं, हाल ही में CAA को लेकर शिवसेना और एनसीपी कांग्रेस का रुख अलग अलग ही नजर आया था अब मामला किसी और चीज को लेकर फंस गया है.

दरअसल महाराष्ट्र में सरकार अंदर मंत्रियों की संख्या, मलाईदार मंत्रालयों को आपस में लंबी खींचतान के बाद कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी ने बंदरबांट तो कर लिया मगर इन तीनों दलों के बीच अब महाराष्ट्र के दो सबसे बड़े मंदिरों पर नियंत्रण के अधिकार को लेकर बवाल शुरू हो चुका है, आलम ये है कि इन दो मंदिरों पर नियंत्रण को लेकर तीनों दल आपस में लड़ रहे हैं.चलिए आपको इन दोनों मंदिरों के नाम बताते हैं. ये दोनों बड़े मंदिर हैं मुंबई का सिद्धिविनायक और शिर्डी स्थित साईं मंदिर. और लड़ाई का कारण ये भी है कि ये दोनों न केवल महाराष्ट्र के बल्कि भारत के भी सबसे ज्यादा दान हासिल करने वाले, बेहद पावरफुल और विशाल भक्तों की संख्या रखने वाले मंदिर हैं.

दोनों ही मंदिर क्या भारत क्या विदेश,  क्या सेलेब्रटी क्या राजनेता सभी तक बेहद ही प्रसिद्ध हैं और भक्त इन मंदिरों में पूजा करने के लिए बाहर देशों से भी आते हैं, इन मंदिरों पर बेशुमार दौलत चढ़ाई जाती हैं शायद इसलिए ही इनका नियंत्रण एक पावर का सिंबल भी समझा जाता रहा है.

गौरतलब है इन मंदिरों का संचालन करनेवाले बोर्ड के प्रमुख की नियुक्ति का अधिकार सिर्फ राज्य सरकार के पास होता है. ये मंदिर इतने पावरफुल हैं कि इनके जो भी प्रमुख होते हैं. उनका पॉवर स्टेटस किसी भी मंत्री से बिलकुल कम नहीं होता है. ये भी एक वजह है, जिसके लिए सरकारों में इन दोनों मंदिरों पर पर नियंत्रण के अधिकार को लेकर लड़ाइयाँ होती रहतीं हैं. हम सब ये जानते हैं कि चूंकि अब तक महाराष्ट्र में कम से कम दो पार्टियों की सरकार मौजूद रहीं हैं तो ऐसे में ये विभाग आपस में आराम से बाँट लिए जाते थे. मगर अब ऐसा नहीं है, तीन दलों की ये मिली जुली सरकार वैचारिक तौर पर अलग सोचती हैं वो सब जानते हैं, लेकिन मंदिरों को लेकर भी तीनों के बीच कोई सामंजस्य बनता नहीं दिख रहा है और तीनों ही दलों में इसको लेकर खूब खींचतान मची हुई है.