महाराष्ट्र में एक बार फिर से हलचल चालू हो गयी है. जिसके बाद से अब यह देखना होगा की यह घ’मासान आगे क्या मो’ड़ लेगा. बीते कुछ दिनों पहले कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी के खि’लाफ मौ’र्चा खोल दिया था. जिसके बाद से क’यास लगाए जा रहे थे कि क्या ज्योतिरादित्य अपनी ही पार्टी के खि’लाफ चले गए है. जिसके बाद कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह भी इस मैदान में उतर आये. लेकिन अपनी पार्टी के खि’लाफ मौ’र्चा खोलने के बाद से अभी तक ज्योतिरादित्य ने दुवारा अपनी प्र’तिक्रि’या नहीं दिखाई है लेकिन दिग्विजय सिंह लगातार सु’र्ख़ियों में बने हुए है.

बता दें एक सभा को सं’बोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आपकी मां’ग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थी, मैंने आपकी आवाज उठाई थी. ये विश्वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार की मे’निफे’स्टो में अंकित है, वह मे’निफे’स्टो हमारे लिए हमारा ग्रं’थ बनता है. स’ब्र रखना और अगर उस मे’निफे’स्टो का एक-एक अंक न पूरा हुआ तो आपके साथ सड़क पर अ’केले मत समझना आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा. इस ब’यान के बाद से मध्य प्रदेश सरकार में सि’यासी घ’मासान मच गया और ठीक दो दिन बाद MP के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ती’खा बार करते हुए कहा कि तो उतर जाइये.

लेकिन सवाल यह है कि अपनी सरकार के खि’लाफ मो’र्चा खोलने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी तक इस पर अपनी चु’प्पी क्यों बांध रखे है. बता दें लोकसभा चुनाव हा’रने के बाद से ही ज्योतिरादित्य सिंधिया सि’यासी मैदान से बाहर है लेकिन उनकी अपनी सरकार के खिलाफ ती’खी ब’यानबा’जी से लगता है कि इतनी जल्दी कमलनाथ सरकार के ऊपर से काले बादल इतनी जल्दी नहीं हटने वाले. जिससे लगता है मध्य प्रदेश सरकार में अभी और भी तू’फान आने बाकी है.