उत्तर प्रदेश में हिं’सा करने वाले 3000 लोगों पर केस, संपत्ति जब्त करने की तैयारी

2459

नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध के नाम पर गुरुवार को लखनऊ में हिं’सा का तांड’व करने वालों पर योगी सरकार सख्त हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई और आदेश दिया कि आन्दोलन के नाम पर सरकारी संपत्तियों को ज’लाने वालों की पहचान की जाए और उनकी संपत्तियों को कुर्क कर नुकसान की भरपाई की जाए. मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और हिं’सा फैलाने वालों पर ताबड़तोड़ FIR दर्ज होना शुरू हो गया.

पूरे उत्तर प्रदेश में करीबी 3 हज़ार लोगों को उप’द्रव फैलाने के लिए हिरासत में लिया गया है. अकेले राजधानी लखनऊ में ही 110 लोगों को हिरा’सत में लिया गया है. संभल में समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ के’स दर्ज किया गया है. कानपुर में भी एहतियातन 100 लोगों को हिरा’सत में लिया गया है. गुरुवार को लखनऊ में हुई हिं’सा में 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 30 अन्य लोग घा’यल हुए हैं. उप’द्रवियों द्वारा किये गए पथराव में करीब 16 पुलिसकर्मी भी घा’यल हुए हैं.

गोरखपुर में भी समाजवादी पार्टी के करीब 34 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. हिंसा’ भड़काने के मामले में मेरठ से भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया. खैरनगर के पार्षद समेत 9 लोगों के खिलाफ मुक’दमा दर्ज किया गया है. सरकार ने अधिकारियों को साफ़ निर्देश दिए हैं कि आम लोगो को कोई परेशानी ना हो लेकिन उपद्र’वियों को किसी किस्म की ढील न दी जाए और कड़ी कारवाई की जाए.