मुजफ्फरनगर में उपद्रवियों की दुकाने सील, गाज़ियाबाद में चौराहे पर लगे उपद्रवियों के पोस्टर

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के नाम पर उप’द्रव फैलाने वाले और सार्वजानिक संपत्तियों को ज’लाने वालों पर उत्तर प्रदेश में कारवाई तेज हो गई है.  यूपी सरकार ने हिं’सा के दौरान संपत्ति को हुए नुकसान के आकलन के लिए चार सदस्यीय कमिटी बनाई है. मुज़फ्फरनगर में करीब 50 उपद्र’वियों की पहचान कर उनकी दुकानों को पुलिस ने सील कर दिया है. करीब 13 हजार से ज्यादा संदि’ग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई है. लखनऊ में करीब 250 उप’द्रवियों की पहचान की गई है और उनपर रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है.

गाज़ियाबाद के लोनी में चौराहे पर उप’द्रवियों के पोस्टर लगाए गए हैं. उनकी जानकारी देने वालों को इनाम देने की घोषणा की गई है, साथ ही जानकारी देने वालों की पहचान भी गुप्त रखी जायेगी. एसएसपी ने बताया है अभी तक साहिबाबाद से 44, मुरादनगर 17 और लोनी से 4 आरो’पियों को अरे’स्ट किया गया है. उप’द्रवियों की पहचान के लिए सामने आए फोटो और विडियो की जांच की जा रही है. जिसके आधार पर उसकी तलाश की जा रही है.

गाज़ियाबाद में शुक्रवार को हुए हिं’सक प्रदर्शनों में सबसे ज्यादा उप’द्रव लोनी में ही हुआ था और सबसे ज्यादा लोगों को लोनी से ही हिरा’सत में लिया गया है. लोनी और लोनी बॉर्डर में ही 3200 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जबकि करीब 135 लोगों को गिर’फ्तार किया गया है.

गोरखपुर में भी पुलिस ने उप’द्रवियों की फोटो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए पहचान बतानेवालों को इनाम देने की घोषणा की है. 25 जिलों में सोमवार तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है. लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा, ‘सात दिन के लिए नोटिस देने के बाद, मुआवजे के लिए संपत्तियों के मूल्य का आकलन किया जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.’

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