बिहार चुनाव से पहल एनडीए में रार? चिराग पासवान के बयान ने जेडीयू और भाजपा को चौंकाया

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अभी बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है. बड़ी पार्टियाँ रणनीति बना रही हैं और छोटी पार्टियाँ गठबंधन में अपने लिए ज्यादा अवसर मांग रही है. अगर महागठबंधन में महाभारत मचा हुआ है तो एनडीए में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. कम से कम लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के बयानों से तो यही इशारा मिल रहा है. चिराग पासवान ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को कहा कि बिहार में गठबंधन का स्वरूप बदल रहा है और पार्टी कार्यकर्ताओं को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए.

चिराग पासवान ने ये बयान ऐसे समय में दिया है जब महागठबंधन के सहयोगी जीतन राम मांझी की नीतीश कुमार के साथ मुलाकातें बढ़ी है. चिराग पासवान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी को बिहार चुनाव को लेकर अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो एलजेपी को अकेले चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव में किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

चिराग पासवान के इस बयान से ये संकेत मिलने शुरू हो गए है कि चुनाव तक राज्य में दोनों गठबंधन के स्वरुप में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है. इसे लोजपा की दवाब की रणनीति म कहा जा सकता है. दरअसल चिराग लोजपा के लिए 42 से 45 सीटों की मांग कर रहे हैं. जबकि भाजपा उन्हें 30 से 35 सीटें देने के मूड में है. इसके अलावा चिराग ये भी संभावना देख रहे हैं कि अगर जीतन राम मांझी एनडीए में आते हैं तो उनके लिए सीटों की कुर्बानी जेडीयू और भाजपा अपने कोटे से करे. लोजपा के हिस्से से कोई छेड़छाड़ न हो. आपको याद होगा कि लोकसभा चुनाव से पहले भी लोजपा ने इसी तारह की दवाब की रणनीति बनाई थी. लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है और राम विलास पासवान चुनावी मौसम के विशेषज्ञ माने जाते हैं. जब तक सीट बंटवारा नहीं हो जाता तब तक ये कयासबाजी और दवाब की रणनीति जारी रहेगी.