बौखलाए चीनी मीडिया ने भारत को दी धमकी, अगर नरेंद्र मोदी अमेरिका के साथ हाथ मिलाते हैं तो भारत को…

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भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने की कोशिश भले ही दोनों देशों के अधिकारीयों की तरफ से की जा रही हो और दोनों देशों की तरफ से संयमित बयानबाजी हो रही हो. लेकिन चीनी मीडिया बेहद बौखलाई हुई है. चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की बौखलाहट देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत ने चीन के चारो तरफ भारत ने जो घेराबंदी की है उससे चीन में छटपटाहट है. भारत ने न सिर्फ LAC पर चीन को जोरदार टक्कर देते हुए बता दिया कि वो 2020 के भारत को 1962 का भारत समझने की भूल ना करे. वहीं भारत और अमेरिका की बढती करीबी से भी चीन बौखलाया हुआ है.

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर चीन को नुक्सान पहुँचाने की कोशिश की तो भारत को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीन अपने राजनीतिक और आर्थिक हितों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. गोल्बल टाइम्स ने लिखा है कि भारत ने वर्षों से गुटनिरपेक्ष की नीति का पालन किया है. भारत को आगे भी इसी नीति का पालन करना चाहिए. क्योंकि सीमा पर सब कुछ सही होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सीमा पर तनाव के कम होने का संकेत दे रहा है. इसका मतलब है कि भविष्‍य में द्विपक्षीय आर्थिक और व्‍यापारिक सहयोग बढ़ेगा जो भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को राहत देगा.

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार अगर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी चीन को अपना दोस्त बनाते हैं तो चीन-भारत आर्थिक संबंध निश्चित रूप से और ज्‍यादा बढ़ेंगे. लेकिन अगर भारत चीन को कमजोर करने के लिए अमेरिका के साथ गया तो चीन अपने हितों की रक्षा के लिए हिचकेगा नहीं, फिर चाहे वे राजनीतिक हों या आर्थिक. भारत को चेन की दोस्ती खोने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी और भारत इस कीमत को सह नहीं पायेगा.

ग्लोबल टाइम्स की बौखलाहट की वजहों को समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है. चीन एक तरफ तो दोस्ती की बात करता, वहीँ दूसरी तरफ भारत की जमीन पर कब्ज़ा करने की ख्वाहिश भी रखता है. लेकिन अब भारत ने चीन की आँखों में आँखे डाल कर देखना सीख लिया है. दुनिया में अब भारत की बढती साख ने चीन को परेशान कर दिया है. चीन के दुश्मन देश भारत के साथ दोस्ती करने को बेचैन है, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत ने हिन्द महासागर में चीन की दखलअंदाजी रोकने के लिए जो सैन्य समझौता किया है उसने चीन के होश उड़ा दिए हैं. चीन के अधिकारी तो संयमित भाषा का प्रयोग करते हैं लेकिन चीन का सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के सहारे अपनी खीज जाहिर कर रहा है.