भारत के लिए चीन का बदला रुख, कोरोना से जंग पर चीन ने बढ़ाये भारत की तरफ मदद के हाथ

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चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरो’ना वायरस आज देश के लिए जा’नले’वा बीमारी बन कर सामने आया हैं. चीन ने ये बिमारी पूरे विश्व को दी है. आज विश्व का लगभग हर देश इस गंभीर बीमारी झुज रहा है. आज चीन ने देश को मौत के मुह धकेलने के बाद खुद खुशियाँ मना रहा हैं. लेकिन चीन से भारत के लिए एक ख़ुशीखबरी आई हैं.

चीन  ने COVID-19 वैश्विक महा’मारी से लड़ने में मदद के लिए भारत को गुरुवार को 650,000 कोरो’ना वायरस चिकित्सा किट्स भेजी है. बीजिंग में भारत के दूत विक्रम मिस्री ने बताया कि चीन से खरीदी जा रही 20 लाख से अधिक जांच किट्स को अगले 15 दिनों में भारत भेजा जाएगा. भारत ने कोरो’ना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया है. देश में इस बीमारी से 414 लोगों की मौ’त हुई है और 12,380 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं.

मिस्री ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट्स और आरएनए एक्सट्रैक्शन किट्स समेत कुल 650,000 किट्स को आज तड़के ग्वांग्झू हवाईअड्डे से भारत के लिए भेजा गया.’ कोरोना वायरस से करीब ढाई महीने तक जूझने के बाद चीन में कारखानों ने एक बार फिर काम शुरू कर दिया है और वह भारत समेत दुनियाभर में वेंटिलेटर और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) समेत चिकित्सा सामान की भारी मांग को एक बड़े कारोबारी अवसर के तौर पर देख रहा है.

 ऐसी जानकारी भी मिल रही है कि चीन ने भारत में मौजूदा लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक छेत्र जो कोरो’ना से प्रभावित हैं वहां पर जांच बढ़ाने के उसके प्रयास के तौर पर पहले चिकित्सा किट्स की दो बड़ी खेप भेजीं जाएँगी. मिस्री ने कहा कि भारतीय दूतावास, भारत में इन सामान को समय से पहुंचाने के लिए विमानों के समन्वय पर काम करने के अलावा वाणिज्यिक खरीद में सहयोग भी कर रहा है.

मिस्त्र ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि भारत ने 30 लाख जांच किट्स के अलावा COVID-19 मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्साकर्मियों के लिए चीन से 1.5 करोड़ निजी सुरक्षा उपकरण खरीदने का ऑर्डर दिया है. मिस्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारी जरूरतों को समय पर और सुचारू तरीके से और अनुमानित कीमत पर पूरा करना भारत-चीन संबंध के लिए सबसे अच्छा संकेत होगा.