बड़ा खुलासा : गलवान घाटी में इस मंशा से सेना जमा कर रहा था चीन, लेकिन भारत के एक कदम ने उसका प्लान कर दिया फेल

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लद्दाख में पिछले कुछ समय से तनाव जारी है. चीन ने भारी मात्रा में सेना और सैनिक साजो सामान जमा कर रखा है. जवाब में भारत ने भी अपनी सेना चीन के सामने खड़ी कर दी है. अब चीन की साजिश के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ चीन की मंशा सैनिकों की भारी संख्या के साथ भारत के इलाके में दाखिल होने की थी लेकिन भारत के एक कदम ने चीन को चौंका दिया.

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जब चीनी सेना ने LAC पर गलवान नाला एरिया में मई के पहले ही सप्ताह में सेना तैनात करना शुरू किया, तब उनकी मंशा थी कि वह भारतीय सीमा में ज्यादा अंदर तक घुस सकें ताकि भारत को संभलने और चौकन्ना होने से पहले ही वो अच्छे खासे एरिया को अपने नियंत्रण में ले सके. लेकिन भारत ने समय रहते चीन की मंशा को भांप लिया और भारी संख्या में वहां अपने फ़ौज को भेज दिया जिससे चीन का प्लान फेल हो गया. दरअसल चीन को अंदेशा ही नहीं था कि भारत इतनी जल्दी अपनी सेना वहां भेज देगा. ये सब इसलिए हो सका क्योंकि बीते 6 वर्षों में भारत ने LAC पर अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया है. चाहे दौलत बेग में दुनिया का सबसे ऊँचा एयरस्ट्रिप का निर्माण हो या सड़क निर्माण. सेना तैनात करने की वजह से भारत को चीनी सेना को भारतीय सीमा में ज्यादा अंदर तक घुसने से रोकने में मदद मिली. गलवान नाला एरिया में चीनी सैनिक 114 ब्रिगेड के काफी पास में मौजूद हैं.

बीते कुछ वर्षों में भारत ने LAC पर जिस सक्रियता से अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया है उसे देख चीन बेचैन है. 1962 में भारत को इसी का खामियाजा भुगतना पड़ा था. चीन ने तो अक्साई चिन तक सड़क निर्माण कर सीधी पहुँच बना ली थी लेकिन भारत के पास उस वक़्त सीमाई इलाके में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था जिस वजह से सेना को मदद सही समय पर नहीं मिल पा रही थी. लेकिन अब भारत 1962 की काली छाया से बाहर आया चुका है और इस वजह से चीन बौखलाया हुआ है.