कोरोना में उलझी भारतीय सेना ने तो चीन ने मक्कारी दिखाते लद्दाख में चल दी कारगिल जैसी चाल, जानिए क्या हुआ

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस फैलाने के बाद अब चीन अपनी नापाक हरकतें दिखा रहा है. भारत चीन सीमा पर चीनी सैनिक लगातार आँख दिखाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वहां तैनात भारतीय सेना के जवान उन्हें हर बार मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. पूरी दुनिया में चीन की इस समय कोरोना वायरस के चलते किरकिरी हो रही है वहीँ दूसरी ओर चीन अपनी चालबाजी दिखा रहा है.

जानकारी के लिए बता दें सेना ने कुछ जवानों के कोरोना संक्रमित होने के बाद भारत ने वास्तविक रेखा LAC के करीब मार्च में शुरू होने वाले अपने अभ्यास को कुछ समय के लिए टाल दिया था. जिसके बाद चीन ने अपने सदाबहार दोस्त पकिस्तान की तरह चालबाजी की और भारतीय सेना की इस बात का फायदा उठाते हुए भारतीय सेना के पेट्रोलिंग वाले इलाके में आगे बढ़ते हुए अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया.

दरअसल मार्च के दूसरे सप्ताह में एक जवान कोरोना संक्रमित पाया गया था. जिसके बाद सरकार ने जवानों को लेकर ऐहतियाती कदम उठाये थे. सरकार ने कोरोना के चलते सुरक्षाबलों के जमावड़े पर रोक लगा दी थी. इसी वजह से लद्दाख में किया जाने वाला भी अभ्यास को स्थगित कर दिया था. चीन ने साल 1962 की तरह इस बार भी दिया धोखा. पहले चीन ने अपने अभ्यास को भी एक महीने के लिए स्थगित करते हुए चालाकी दिखाई थी और फिर गलवान घाटी और पैंगोंग शो झील के करीब फिंगर एरिया में तुरंत सैनिकों की तैनाती कर दी थी.

गौरतलब है कि चीन की चाल को देखते हुए भारत ने सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए लेह में तैनात अपने सैनिकों को तुरंत इलाके में भेज दिया. हालाँकि चीन पहले ही चालाकी दिखाते हुए भारतीय इलाके गलवान और फिंगर इलाके में बढ़त हासिल कर ली थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया कि गलवान न चीन में करीब 3400 सैनिक तैनात कर दिए हैं और पैंगोंग लेक के करीब 3600 चीनी सैनिक लगा दिए हैं. सेना ने वहां की स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है और यर भी कहा है कि सीमा पर किसी भी प्रकार की हिंसा नही हुई है. सेटेलाइट तस्वीरों के हवाले से सूत्रों ने बताया है कि चीनी सेना ने पेट्रोलिंग वाले इलाके में पोजीशन बना ली है.