चीन के साथ किए गए इस काम की बदौलत फिर से सत्ता में आ सकती है मोदी सरकार

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चुनावी मौसम है और ऐसे में सभी पार्टियां मंच पर आकर बड़े बड़े वादे करने में जुटी हुई है। मोदी सरकार को दोबारा आने से रोकने के लिए विपक्ष भी एकजुट होने का दावा ठोक रहा है। बाकायदा बंगाल में ममता बनर्जी की रैली में 23 दलों के लोगो ने एक साथ फ़ोटो खीचाकर ये संकेत भी दिए कि मोदी-शाह की जोड़ी को रोकने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार है। ख़ैर, अब इतने सारे लोग जब मिल जाए तो सत्तापक्ष का थोड़ा बहुत डरना तय भी है  लेकिन विदेश नीति पर सरकार की मेहनत उसे इस इलेक्शन में जबर जीत दिला सकती है। कागजो पर भारत का दुश्मन समझे जाने वाला चीन मोदी सरकार की रणनीतिक जुगलबंदी का कायल है और वो खुद चाहता है कि दोनों देशो के सम्बन्धो की बेहतरी के लिए मोदी का सत्ता में बने रहना बहुत ज़रूरी है।

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की मानें तो रोजगार पैदा करने में चीन मोदी सरकार की मदद करेगा क्योकि चीन चाहता है कि मोदी फिर से सत्ता सम्भाले। चीन को तरफ से कह दिया गया है कि डोकलाम जैसे मुद्दों पर आपसी गतिरोध के बावजूद भारत सरकार से उनके सम्बन्ध कमजोर नही हुए और दोनो देश हमेशा एक दूसरे से जुड़े रहे।

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि भारत की सरकार अपने यहां युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही है लेकिन उसके पास पर्याप्त चीजो का अभाव है जिसके चलते वो अपने वादे के मुताबिक ज्यादा रोजगार नही दे पा रही है जिसके चलते वहां के लोगो मे गुस्सा भी है। चीन के लिए मोदी बहुत ज़रूरी है और वो उनकी सत्ता से विदाई नही चाहता इसी लिए अब चीन भारत मे अपने निवेश को बढ़ाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नौकरियों से जुड़ सके। हालांकि चीन की तरफ से ये भी साफ कर दिया गया है कि अधिक निवेश को हासिल करने के लिए भारत सरकार को अपने यहां के नियमो में थोड़ी ढील देने की भी ज़रूरत है। अगर भारत ऐसा करने में सफल रहता है तो फिर उसे दुनिया भर से बहुत ज्यादा निवेश मिल सकता है जो उसकी इकॉनमी को डवलप करने के साथ साथ बेरोजगारी को भी कोसो दूर कर सकता है।

ख़ैर, चीन को भले ही भारत के दुश्मन के तौर पर माना जाता हो लेकिन अगर खुद चीन सामने आकर इतनी बड़ी बात कह रहा है तो इसे आप मोदी सरकार को विदेशनीति के मोर्चे पर मिली बड़ी जीत की तरह भी देख सकते है।