अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री की रैली होने पर चीन को हुई तकलीफ! भारत से दर्ज कराई आपत्ति तो भारत ने दिया जवाब

भारत, चीन और पाकिस्तान के रिश्ते कभी ठन्डे और कभी गर्माहट भरे होते हैं. कभी चीन धमकी देता है तो कभी पाकिस्तान अपने नापाक हरकतों को अंजाम देता है लेकिन भारत इन दोनों का जवाब देने के लिए तैयार रहता है. हाल ही प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को अरूणाचल प्रदेश में चार हजार करोड़ रूपये से ज्यादा मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी और कहा कि उनकी सरकार सीमांत राज्य के संपर्क सुधारने को बहुत महत्व दे रही है. प्रधानमंत्री मोदी के अरुणाचल प्रदेश के दौरे से चीन सुलग उठा और उसने भारत से इसपर आपत्ति जताई है.


चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पीएम मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन-भारत सीमा सवाल पर चीन का रुख स्पष्ट है. चीन सरकार ने कभी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी है और वह चीन-भारत सीमा के पूर्वी खंड के भारतीय नेता के दौरे का दृढ़तापूर्वक विरोध करता है.


चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर डाली गई प्रतिक्रिया में हुआ ने कहा कि चीन भारतीय पक्ष से आग्रह करता है कि वह दोनों देशों के साझे हितों को ध्यान में रखे. चीनी पक्ष के हितों और चिंताओं का सम्मान करे, द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार की गति बरकरार रखे और ऐसी कार्रवाई से परहेज करे जो विवाद को बढ़ा दे या सीमा प्रश्न को उलझा दे.


अब अप सोच रहे होंगे कि अरुणाचल प्रदेश में पीएम मोदी की रैली से चीन क्यों बौखलाया है. आखिर वो इस तरह की बातें क्यों कर रहा है जबकि अरुणाचल प्रदेश तो भारत का अभिन्न हिस्सा है. हालाँकि चीन को आपत्ति तो इसी बात से है कि पीएम मोदी अरुणाचल प्रदेश क्यों गये? बता दें कि चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है. भारत और चीन सीमा विवाद निपटाने के लिए अब तक 21 दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है.


हालाँकि चीन की इस आपत्ति पर भारत के विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है. नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारतीय नेता समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश का दौरा करते हैं जैसे वे भारत के अन्य भागों का दौरा करते हैं. इस सुसंगत रुख से अनेक मौकों पर चीनी पक्ष को अवगत कराया जा चुका है.’


चीन और भारत के बीच अक्सर सीमा रेखा को तल्खी सामने आती है. चीन कई बार भारत को धमकी भी दे चूका है लेकिन भारत की तरफ से उसे करारा जवाब भी मिलता है और अब चीन को भी समझ लेना चाहिए कि भारत अब पहले वाला भारत नही रहा, अब भारत सैन्य शक्ति को लेकर काफी मज़बूत हो चूका है. और अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग हैं उसमें चीन का जबरदस्ती का हस्तक्षेप करना ठीक नही है.

वैसे भारत चीन के बीच अक्सर इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं. सीमा विवाद को लेकर चीन पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है. हालाँकि विदेश मंत्रालय की तरफ से चीन को जवाब दिया जाता रहा है.

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