कोरोना महामारी को रोकने के लिए केन्द्र सरकार का फरमान, राज्य सरकारों को दी ये हिदायत

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आज पूरा विश्व एक भयंकर महामारी से जूझ रहा है. जिसकी वजह से कई लोगो की मौत हो गयी है और सैकड़ों लोग अभी भी इसकी चपेट में है. हालत दिन पर दिन ख़राब होती जा रही है. भारत में अभी तक 1000 के करीब मामले सामने आ गए है जबकि 21 लोग की इस महामारी के कारण मौत हो गयी है. हालातों को देखते हुए सरकार ने 21 दिन लॉक डाउन का ऐलान किया था और लोगो से अपील की थी कि वो इस बात को माने और अपने घरो में ही सुरक्षित रहे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोरोना से लड़ने के लिए जी जान से लगे हुए हैं. ताकि देश को इस महामारी से देश को बचाया जा सके.

लॉकडाउन होने के बाद भी दिल्ली से लोगों का पलायन जारी है. दिल्ली से पलायन कर रहे लोगों को उत्तर प्रदेश सरकार ने आन-फान में सबको उनके गंत्तवय तक पहुंचाने के लिए 1000 बस चलाई गई है. आम जनता दिल्ली से अचानक पलायन करना समझ से परे है. लेकिन इसका इल्जाम सीधे-सीधे केजरीवाल और उनकी सरकार पर लग रहा है. पलायन की स्थिति पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है. केंद्र सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन का पालन करवाना डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट और एसपी की जिम्मेदारी है.

केंद्र सरकार की तरफ से आदेश दिया गया है कि सभी राज्यों और जिलों की सीमाएं सील कर दी जाएं और बाहर से आने वाले लोगों को सीमाओं पर ही कैंपों में रखा जाए. केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि काम करने आने वाले मजदूरों के रहने का इंतजाम किया जाए और उनको समय से भुगतान किया जाए. सरकार ने कहा कि आदेश को न मानने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.केंद्र सरकार ने कहा है कि लोग हाइवे पर न निकलें और जहां हैं वहीं रहें. सरकार ने राज्यों को आदेश दिया है कि लोगों के खाने और रहने का प्रबंध किया जाए. दरअसल अगर यह खतरनाक वायरस गांवों तक पहुंचता है तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.

कोरोना के चलते देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है. इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया को कैद कर लिया है. लेकिन ये समय की जरूरत थी. जो मुझे करना करना पड़ा. पीएम मोदी ने जनता से अपील की कि वह लॉकडाउन का पालन करके खुद को और अपने परिवार को कोरोना संक्रमण से बचाएं. मोदी ने एक बार फिर से देश की जनता से अपील की है कि वो लोग इस बिमारी से लड़ने के लिए अपने घर में रहे. जिससे हम लोग इस बिमारी से लड़ सकें और अपने आपको महफूज़ रख सकें.