केंद्र सरकार ने इन 10 बैंकों के विलय को दी मंजूरी, अगर आपका भी खाता हैं इन बैंकों में तो जरुर जान लें

देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र सरकार एक के बाद बड़ा कदम उठा रही है. पीएम मोदी द्वारा लिए गये फैसलों की गूंज भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी है. अब मोदी सरकार ने 10 सरकारी बैंकों को लेकर बड़ा कदम उठाया है, जिसे जानने के बाद आप भी सोच में पड़ जायेंगे. पीएम मोदी के इस कदम के बाद बैंकों को विश्व स्तरीय बनाने की योजना है. अगर आपका भी इन 10 बैंकों में है खाता तो ये खबर आपको पढ़ना जरुरी है.

जानकारी के लिए बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों के विलय करने को लेकर कहा था कि इसकी प्रक्रिया तय प्रोसेस के अनुसार आगे बढ़ रही है. अब केंद्र सरकार ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाने को मंजूरी दे दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा कर दी है. सरकार के इस कदम के बाद अब देश में 4 बड़े बैंक बनेगे. इससे पहले sbi बैंक में बैंकों का विलय किया गया था.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ‘बैंकों के विलय की प्रक्रिया जारी है और इसका फैसला हर बैंक का निदेशक मंडल पहले ही ले चुका है.’ सरकार की इस योजना के अनुसार यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में होगा. वहीं केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक और सिंडिकेट बैंक का विलय इंडियन बैंक में होगा. वहीं दूसरी तरफ आंध्रा बैंक (Andhra Bank) और कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में विलय किया जायेगा.

गौरतलब है कि बैंकों के विलय की योजना का प्लान साल 2018 में आया था. RBI ने कहा था कि अगर सरकारी बैंकों के विलय से बने बैंक से इच्छित परिणाम हासिल होते हैं. तो भारत के भी कुछ वैश्विक स्तर के बैंकों में शामिल हो सकता है. पंजाब नेशनल बैंक में इन बैंकों का विलय होने के बाद वह देश का दूसरा बड़ा बैंक बन जायेगा जिसका कारोबार 17.95 लाख करोड़ रूपये होगा. वहीं केनरा बैंक चौथा बड़ा बैंक बन जायेगा. अगर आपका भी खाता इन बैंकों में है जिनका विलय होने जा रहा है तो बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकती है. कुछ शाखाएं विलय होने के बाद बंद हो सकती है जिसके बाद ग्राहकों को नयी शाखा में जाना पड़ेगा. इसी के साथ नए डेबिट कार्ड, चेकबुक और क्रेडिट कार्ड जारी किये जा सकते हैं. वहीं फिक्स डिपाजिट या रेकरिंग डिपोजिट पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा.