10वीं और 12वीं के पेपर का इंतज़ार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर, कोरोना के चलते CBSE ने किया बड़ा ऐलान

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कोरोना वायरस के कारण जारी देशव्यापी लॉकडाउन के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने उन छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है जो अपने छूटे पेपर की तारीखों का इंतज़ार कर रहे थे. CBSE ने कहा है कि इस माहौल में पेपर कराना संभव नहीं है. जब सब लोगों ने घरों में रहने की अपील की जा रही है तो ऐसे वक़्त में दसवीं बोर्ड की परीक्षा कराना असंभव है. इसलिए बच्चों को इन्टरनल आधार पर पास किया जाएगा.

CBSE के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 10वीं की पूरे देश में जो परीक्षा बची हुई हैं, वे छोटे-छोटे विषय थे. उनकी अब परीक्षा नहीं हो रही. इंटरनल असेसमेंट और बाकी पैमानों के आधार पर इसका रिजल्ट बनाया जाएगा.’ गौरतलब है कि जिस वक़्त CBSE की 10 वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही थी उसी वक़्त कोरोना वायरस ने देश में दस्तक दिया था. हालातों को देखते हुए परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था. लेकिन बाद में हालात और बाद से बदतर हो गए. देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान हो गया और कोरोना वायरस ने देश में तेजी से पाँव पसारने शुरू कर दिये. बच्चों के मन में अपने छूटे पेपर को लेकर अनिश्चितता का माहौल था. लेकिन अब CBSE ने साफ़ कर दिया है कि छूटे विषयों के पेपर नहीं होंगे और इन्टरनल के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा.

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में फ़रवरी महीने में दं’गे हुए थे. वहां दं’गों की वजह से पेपर को स्थगित कर दिया गाया था. इन इलाकों के बारे में जानकारी देते हुए CBSE ने कहा कि जहाँ दं’गों की वजह से पेपर रह गए थे, वहां परीक्षाएं जरूर होंगी. इस इलाके में भी सिर्फ 6 मुख्य सब्जेक्ट के ही पेपर होंगे.

12 वीं के पेपर पर सस्पेंस बरक़रार

CBSE के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने 12वीं की परीक्षाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 12वीं की 12 विषयों की परीक्षा होनी हैं. इसका फैसला अभी लिया जाएगा. अनुराग त्रिपाठी ने साफ किया कि 3 मई के बाद तय किया जाएगा कि 12वीं की परीक्षा कब लेनी है. अगर लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो उसी हिसाब से प्लान तैयार किये जायेंगे.

उन्होंने छात्रों और उनके माता-पिता को धरी रखने की सलाह देते हुए कहा कि ‘मेरा पैरेंट्स से यह कहना है कि पैनिक न लें. सेल्फ स्टडी करवाएं. देश और दुनिया में जो भी होगा एक समान होगा. सभी जगह एक समान फैसला होगा. बच्चे और पैरंट्स धैर्य रखें.’