ममता बनर्जी के बबाल पर अब CBI की चिट्ठी आई सामने

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शारदा चिट फण्ड स्कैम …इसे पश्चिम बंगाल का एक सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला मना जाता है.. इसमे इन्वेर्स्टर को उनकी रकम तेजी से बढ़ाने का लालच दिया गया था …इसमे सिर्फ अमीरों ने ही नहीं बल्कि उन गरीबो ने भी इन्वेस्ट किया था..जो सुबह शाम देहाडी करके 100 रूपये कमा कर अपने 50 रूपये यहाँ जमा किया करते थे कुछ लोगों ने इसके बाद sucide कर लिया था .sucide करने वालों संख्या 210 थी…..इसमे कई नाम TMC कार्यकर्ताओ के भी सामने आये थे…और उनको जेल भी हुए थी ..लेकिन उस समय इन गरीबो के लिए ममता जी धरने पर नहीं बैठी थी ..और अब ममता बनर्जी सरकार ने जो कुछ किया ऐसा कभी देश ने नहीं देखा था..देश में आज़ादी के बाद कभी ऐसे हालत कभी पैदा नहीं हुये ..अब इसी बीच सीबीआई को हिरासत में लिए जाने के मामले ने अब राजनितिक तूल पकड़…जहाँ एक और ममता बनर्जी कहती है कि उन्हें इस जांच की कोई भनक नहीं थी …ना पता था.. की ऐसी कोई जांच होने वाली है. ये मोदी और अमित शाह की उनके खिलाफ साजिश है ..

तो सबसे पहले देखिये ३ फ़रवरी यानि रविवार को… ये चिट्ठी जो CBI के थ्रू कोलकत्ता पुलिस के इन्चर्गे को भेजी गये थी …जिसमे कोलकत्ता पुलिस कमिशनर राजीव कुमार के आवास पर सीक्रेट ऑपरेशन के लिए सुरक्षा की मांग की गई थी …इसका मतलब तो बिलकुल साफ़ है की पुलिस को जाँच की पूरी जानकरी होगी …अब आप CBI का ये नोटिस देखिये नवम्बर 2018 में CBI की तरफ से मालदा के SP को शारदा चिट फण्ड घोटाले की जाचं के लिए भेजा गया था …साथ ही सेम नोटिस चास्मदिद को भी भेजा गया था …अब जो ममता जी बोल रही है कि ये जांच लोकतान्त्रिक नहीं है .. तो आपको बता दे..इंडियन CRPC अंतर्गत investive authority को इतना अधिकार है ..की वो 160 me किसी को पूछताछ के लिए और उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के लिए बुला सकते है ….कमिशनर राजीव को एक बार नहीं ३-३ बार नोटिस गया ..जहाँ तक जानकारी है…दिसम्बर 18 में भी उनको नोटिस गया था ..और इसके बाद भी वो पेश नहीं होते है…

यहाँ सवाल उठता है कि देश का इतना गंभीर सकाम होने के बाबजूद कमिशनर साहब क्यों पेश नहीं होते है ,..इसमें हजारों गरीबो का पैसा लूटा है ..उसके बाद भी आप CBI के नोटिस पर नहीं आते है …क्यों CBI को उन अफसरों की details नहीं दी जाती है जो इस केस में उस समय इन्वोल्व थे …ममता जी कहती है की सर्च वार्रेंट के बिना आये तो ३ बार CBI का नोटिस नहीं मिला क्या पुलिस को …और CBI ने अपनी आशंका जाहिर की थी ..कि कही जाँच से पहले सबूत नष्ट ना हो जाये …तो अब आप भी समझ गये होंगे की ना तो इसमे CBI की गलती है … और चलते चलते इतना जरूर बता दें… कि CBI को छापा मारने का ये आदेश पीएम मोदी ने नही बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने दिया था..