दिल्ली के अस्पताल की बड़ी लापरवाही आई सामने, श’वों की कर दी अदला-बदली

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देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना अपने चरम पर हैं. दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. उधर दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल सिर्फ बातें कर रहें हैं. टीवी पर आकर कभी ये कभी वो लेकिन कोरोना के मरीजों को लेकर क्या कर रहें हैं नहीं पता हैं. इन सबके बीच दिल्ली सरकार जो अपने कार्यकाल में अच्छे अस्पताल का राग अलापती हैं आज उन्ही अस्पतालों की लापरवाही का एक नजारा सामने देखने को मिला हैं.

दिल्ली सरकार अपनी व्यवस्था का गुडगान हर तरफ करती हैं. लेकिन कोरोना का’ल में आज उसकी व्यवस्था की पोल खुलती हुई नजर आ रही हैं. आपको दिल्ली के लोकनायक अस्पताल की घटना के बारे में बताते हैं कि वहां पर एक पुरुष की मौ’त हो गई. जिसका नाम मोईनुद्दीन था. अपने पति की मौ’त की खबर सुनते ही वो भी गुज़र गई और अपने पीछे 3 बच्चों को अनाथ छोड़ गई. जब मोईनुद्दीन जिसकी मौ’त दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में हुई थी. उसका श’व लेने उनके भाई एजजुद्दीन अस्पताल पहुंचे तो तो वहां पर जो उनके साथ हुआ वो एक बहुत ही क्रूर मजाक किया गया लोकनायक अस्पताल में.

लोकनायक अस्पताल में जब एजजुद्दीन वहां पहुंचे तो उनको उनके भाई मोईनुद्दीन के श’व की जगह किसी दूसरे शख्स का शव दे दिया गया. ये देखने के बाद उनके होश फक्ता हो गए. यानी अस्पताल से शव की अदला-बदली हो गई थी. एक नाम होने के कारण अस्पताल ने किसी दूसरे परिवार को मोइनुद्दीन का श’व सौंप दिया था. वैसे ये बहुत ही बचकानी बात है की एक तरह के दो नाम होने की वजह से श’व बदल गया ये तो एक तरह की लापरवाही हैं.

मोइनुद्दीन का श’व लेने के लिए जब मृत’क के भाई ऐजाजुद्दीन ने दूसरे परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि मोइनुद्दीन को द’फना दिया गया है. अस्पताल की लापरवाही के कारण परिजन मृत’क मोइनुद्दीन का चेहरा भी नहीं देख पाए. इसे एक बात साफ़ नजर आती है कि जो मोईनुद्दीन का शव किसी और को दिया गया था वो गलती नहीं दिल्ल्ली के अस्पताल की लापरवाही और केजरीवाल की व्यवस्था की साफ़ तौर पर पोल खोल रहा हैं.