गृह मंत्रालय के ऐलान के बाद CAPF कैंटीन में बजेगा स्वदेशी का डं’का, हजारो की तादात में विदेसी सामन हुए बाहर

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कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान से हुए थी. जिसको लेकर अब सभी देश चीन का बहिष्का’र करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसी कड़ी में पीएम मोदी ने अपने देश के लोगों को पिछले महीने लोकल फॉर वोकल की बात कही थी. उसके अगले दिन ही गृह मंत्रालय ने CAPF कैंटीन में स्वदेशी सामान की बिक्री को लेकर राश्ता साफ़ कर दिया था.

अब CAPF कैंटीन के अंदर अब बाहरी देशों के सामन कैंटीन के अंदर नहीं बिकेगा. मसलन माइक्रोवेव, ओवन से लेकर फुटवियर और ब्रांडेड उत्पादों जैसे टॉमी हिलफिगर शर्ट से लेकर 1000 से अधिक आयातित उत्पाद अब केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (KPKB) में उपलब्ध नहीं होंगे. केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार पैरामिलिट्री कैंटीन चलाने वाली मुख्य संस्था है. बता दें कि आज से आर्मी कैंटीन में केवल स्वदेशी सामान ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है.

केंद्रीय गृह मन्त्रालय ने साफ कहा है कि ‘केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (KPKB) की कैंटीनों में अब केवल मेड इन इंडिया सामान ही बेचे जाएंगे. इसके अलावा, फेरेरो रोशेर, रेड बुल, विक्टोरिनोक्स, सफिलो (पोलेरॉइड, कैमेरा) जैसे उत्पादों का आयात करने वाली सात कंपनियों को लिस्ट से हटा दिया गया हैं. KPKB ने कई कंपनी का सामान लेने से इनकार कर दिया हैं. इन कंपनी से कुछ जरुरी जानकारी मांगी गई थी जो इन्होने समय रहते नहीं दिया जिसके बाद KPKB ने ये कदम उठाया है. KPKB ने सामान को 3 श्रेणी में बाँट दिया हैं.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है ‘भारत सरकार स्वदेशी समान केवल KPKB भंडारों के माध्यम से ही बेचा जाएगा. बता दें कि केंद्रीय पुलिस कैंटीन का इस्तेमाल सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स में सेवारत लगभग 10 लाख कर्मियों के लगभग 50 लाख परिवार के सदस्य करते हैं. केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार में केवल श्रेणी 1 और श्रेणी 2 के अंत’र्गत आने वाले सामान को रखा जाएगा. जबकि श्रेणी 3 में आने वाले सामान को 1 जून से हटा दिया जाएगा और उनकी बिक्री 1 जून से ही बंद कर दी जाएगी.