केंद्र सरकार ने दिल्ली को दिया दिवाली का तोहफा, अनाधिकृत कॉलोनियां होंगी नियमित

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दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है. इन कॉलोनियों में रह रहे लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे.

दिल्ली में वर्तमान में 1797 अनाध्रिकृत कॉलोनियां हैं. इनमे लगभग 40 लाख लोग रहते हैं. इस फैसले के बाद अब यहाँ के निवासियों को मालिकाना हक मिल जाएगा. केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि झुग्गीवासी जहां भी रहते हैं वह चाहे निजी हो या सरकारी उसका मालिकाना हक उन्हें देने का फैसला किया गया है.

पुरी ने कहा कि अनाधुक्रित कॉलोनियों को नियमित कर देने के बाद इन कॉलोनियों का विकास होगा. सड़कें बनेंगी, सीवर बनेगा, पार्क बनेगा। उन्होंने कहा कि बेहद मामूली रेट पर जमीन की रजिस्ट्री होगी. पुरी ने कहा कि इस फैसले को जल्दी से लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि सरकार संसद के अगले सत्र में बिल लाएगी. जैसे ही बिल पास होगा डीडीए इसपर काम करना शुरू कर देगी.

केंद्र सरकार जे सी फैसले को दिल्ली चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है. वैसे मोदी सरकार ने अपने दुसरे कार्यकाल के 100 दिनों के एजेंडे में दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की बात प्रमुखता से शामिल किया था.

जिन कॉलिनियों को नियमित करने का प्रस्ताव रखा गया है उनमे तीन पॉश कॉलोनियों पर सस्पेंस बना हुआ है. ये कॉलोनी हैं – सैनिक फॉर्म, अनंत राम डेयरी, महेंद्रू ऐन्क्लेव. इसके अलावा वन्य जमीन पर बनी कॉलोनी के बारे में कोई फैसला अभी नहीं किया जाता है.