आतंकी मसूद अज़हर पर अड़ंगा ना लगाता चीन, तो छिन जाती ये 6 सुविधाएं

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जैश ए मोहम्मद का सरगना और पुलवामा हमले में हमारे 40 जवानों की शहादत का जिम्मेदार मसूद अजहर, एक बार फिर शिकंजे में आते आते बच गया. भारत और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे ग्लोबल आतंकी घोषित करने की पूरी तैयारी कर ली थी. लेकिन ऐन मौके पर चीन ने इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया.. अब हम अपने क्वेश्चन के पहले भाग पे आते है की वीटो पावर क्या है और किन किन देशों के पास वीटो पॉवर है तो इसका ज़वाब है ये इन पांच देशों को मिला हुआ है..

सयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

रूस (सोवियत संघ के विघटन के बाद ये अधिकार रूस को मिला)

यूनाइटेड किंगडम (UK)

फ्रांस

पीपल रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (चीन)

अगर SECURITY COUNCIL यानि  सुरक्षा परिसद में कोई प्रस्ताव आता है और अगर कोई एक स्थायी सदस्य देश यानि जो देश इसमे आता है  वो इस से सहमत नहीं है तो ये प्रस्ताव पास नहीं होगा या अमल में नहीं आएगा.. दूसरे शब्दों में कहे तो किसी भी प्रस्ताव को अगर सुरक्षा परिषद में पास होना है तो उसके पांच स्थायी सदस्य की सर्वसम्मत्ति जरूरी है अगर कोई एक देश भी विरोध करते हुए इसके खिलाप वोट करता है तो ये वीटो कहलाता है…जैसा की इस बार चीन ने किया …आप को यहाँ ये भी बता दे ..कि चीन के इस रुख पर अमेरिका उसे कड़ी चेतावनी दी है.. अमेरिका की ओर से जारी बयान में मसूद अजहर को साफ तौर पर ग्लोबल आतंकी कहा गया.. तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए अमेरिकी बयान में इस बात को उभारा गया है कि चौथी बार चीन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाया है.. और उसे SECURITY COUNCIL यानि सुरक्षा परिषद को अपना काम करने देने में बाधक नहीं बनना चाहिए। आतंकियों को संरक्षण नहीं देना चाहिए.. अंत में अमेरिका के बयान के बोल और सख्त हो गए और चीन को एक तरह की वॉर्निंग देते हुए कहा गया कि यदि आतंकियों को संरक्षण देने की आपकी पालिसी में बदलाव नहीं आता है तो सुरक्षा परिषद के सदस्य देश अन्य कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे…लेकिन चीन ने इस बार भी वीटो लगाकर मसूद अजहर को ग्लोबल टेरिरिस्ट घोषित होने बचा लिया …लेकिन अगर चीन ऐसा ना करता तो मसूद अज़हर पर यह 6 प्रतिबंध लग जाते…चलिए एक एक करके हम आपको बताते है ..

दुनिया भर की देशों में मसूद अज़हर की एंट्री बैन हो जाती ..

इसके अलावा मसूद अजहर किसी भी देश में आर्थिक गतिविधिया नहीं चला पता

संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों को मसूद के बैंक अकाउंट्स और प्रॉपर्टी को फ्रीज करना पड़ता.

मसूद अजहर से संबंधित व्यक्तियों या उसकी संस्थाओं को कोई मदद नहीं मिलती.

इसके अलावा पाकिस्तान को भी मसूद अजहर के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाने पड़ते.

बैन के बाद पाकिस्तान को मसूद अजहर के टेरर कैंप और उसके मदरसों को भी बंद करना पड़ता.

अब सवाल ये उठता है कि एक सवाल ये भी है कि आखिर चीन पूरी दुनिया से झगड़ा मोल लेकर मसूद अजहर जैसे आतंकी को बार बार क्यों बचा रहा है. जानकारों की मानें तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा…यानि CPEC China–Pakistan Economic Corridor ये चीन के वन बेल्ट बन रूट हा हिस्सा है ..चीन ग्वादर बंदरगाह के लिए ,,हाईवे ,रेलवे लाइन ,गैस पाईप लाइन्स ,हाइड्रो पॉवर प्लांट्स , एयरपोर्ट्स का निर्माण किया जायेगा ..इस प्रोजेक्ट कि कुल लागत लगभग करीब 46 BILLION DOLLAR की  है जो बढ़ भी सकती है .. तो अब आप समझ ही गये होंगे कि आखिर चीन क्यों पाकिस्तान प्रोषित आतंकी मसूद अजहर को क्यों बचा रहा है ..लेकिन भारत सरकार भी इससे हार नहीं मानेगी… क्यों की विदेश मंत्रालय ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रद्द होने के बाद कहा कि हमारी लड़ाई अभी जारी रहेगी… मसूद अजहर भारत में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल है… उसे आतंकवादी घोषित करने तक हम हर संभव रास्ता अपनाएंगे…वैसे लोगों ने भी सोशल मीडिया पर BOYCOTT
CHINESE PRODUCT ट्वीट करके ट्रेंड में पहुचा दिया है ..आप देख सकते है उनके ये tweets .. जिसमे उन्होंने मेसेज दिया है,BOYCOTT CHINESE PRODUCT