बजट से पहले यह बातें जान ले..

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केंद्र सरकार संसद में बजट पेश कर चुकी है। मौजूदा भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल का ये अंतिम बजट है और चुनाव से ठीक पहले आया है जिसका लोगों ने बेसब्री से इंतज़ार किया है, अगर आपने भी इस बजट का लम्बा इंतज़ार किया है  तो पहले इन सात शब्दावलियों को समझ लें, जिनके बिना बजट को समझना बहुत मुश्किल है।

वित्तीय वर्ष क्या होता है?
वित्तीय वर्ष वह पीरियड है जिसके लिए सरकार सालाना बजट तैयार करती है। भारत में वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलता है। इसी अवधि के लिए सरकार बजट पेश करती है। एक वित्तीय वर्ष खत्म होने पर सरकार संसद में बजट सत्र के दौरान उस वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा और आने वाले वित्तीय वर्ष के अनुमानित खर्चों का ब्यौरा बजट में प्रस्तुत करती है।

अंतरिम, पूरक व पूर्ण बजट में अंतर
अंतरिम बजट – चुनावी साल में सरकार द्वारा केवल शुरूआती चार महीनों के लिए बजट पेश किया जाता है, ताकि इसी बजट से चुनाव संपन्न करा नई सरकार चुने जाने तक खर्च चलाया जा सके। इसलिए इसे अंतरिम बजट भी कहा जाता है।

पूरक बजट – नई सरकार बनने के बाद वह बचे हुए वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करती है, जिसे पूरक बजट कहा जाता है।

पूर्ण बजट – चुनावी वर्ष में मौजूद सरकार वोटरों को लुभाने के लिए लोक लुभावन बजट पेश करती है और कई बार परंपरा के विपरीत पूरे वर्ष का बजट पेश कर देती है, जिसे पूर्ण बजट कहते हैं।

चुनावी बजट – चुनाव के समय पर पेश होने वाले बजट को आम बोलचाल की भाषा में चुनावी बजट भी कहा जाता है।

इनकम टैक्स स्लैब और कर मुक्त आय (income tax slabs and tax free income)
अभी देश में इनकम टैक्स स्लैब ढाई लाख रुपये सालाना कमाई का है। मतलब सालाना ढाई लाख रुपये कमाने वाले को आयकर (इनकम टैक्स) में छूट प्रदान की गई है।

ढाई लाख- पांच लाख तक की आय पर 5% टैक्स

5 लाख से दस लाख की आय पर 20%

और 10 लाख से ऊपर कि आय पर 30% टैक्स

स्टैंडर्ड डिडक्शन(मानक कटौती)

स्टैण्डर्ड डिडक्शन उस एकमुश्त रकम को कहा जाता है जिसे वेतन से हुई कुल कमाई में से घटा दिया जाता है और उसके बाद टैक्सेबल इनकम का  कैलकुलेशन किया जाता है।

TDS – टीडीएस

टीडीएस का मतलब होता है टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स। यह इनकम टैक्स को आंकने का एक तरीका हैं। इनकम टैक्स से टीडीएस ज्यादा होने पर रिफंड क्लेम किया जाता है और कम होने पर अडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा करना होता है।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर(direct and indirect taxes)
देश में दो प्रकार की टैक्स व्यवस्था है, पहली प्रत्यक्ष और दूसरी अप्रत्यक्ष कर प्रणाली। प्रत्यक्ष कर देश के नागरिकों से सीधे तौर पर वसूला जाता है। इसमें इनकम टैक्स, वेल्थ टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स आते हैं। ये टैक्स व्यक्तिगत होते हैं और व्यक्ति या संस्था विशेष से ही वसूले जाते हैं। इसके विपरीत अप्रत्यक्ष कर किसी भी व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है। अप्रत्यक्ष कर का मतलब जीएसटी से है, जो किसी सर्विस प्रोवाइडर द्वारा सेवा पर लगने वाला टैक्स या उत्पाद पर वसूला जाने वाला टैक्स होता है।

शॉर्ट टर्म और लॉग टर्म गेन
शेयर मार्केट में एक साल से कम समय के लिए निवेश कर कमाए गए लाभ को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कहते हैं।

एक साल से ज्यादा समय के लिए निवेश को लॉग टर्म कैपिटल गेन अर्थात दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कहा जाता है।

शॉर्ट टर्म गेन पर वर्तमान में 15 फीसद का टैक्स वसूला जाता है।

वहीं लॉग टर्म गेन पर एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 10 फीसद का टैक्स लगता है।

राजकोषीय घाटा

राजकोषीय घाटे का मतलब है सरकार को हुई कुल सालाना कमाई के अपेक्षा ज्यादा खर्च होना। इसमें सरकार द्वारा लिए गए कर्जे भी शामिल हैं।

GDP जीडीपी क्या है?


जीडीपी मतलब ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट होता है। ये किसी भी देश की आर्थिक स्थिति  को मापने का जरिया होता है। भारत में जीडीपी की गणना प्रत्येक तिमाही पर होती है। जीडीपी, अर्थव्यवस्था के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में उत्पादन की वृद्धि दर पर आधारित होता है। कृषि, उद्योग और सेवा यानि एग्रीकल्चर, बिज़नस और सर्विसेज  जीडीपी के तीन मुख्य पार्ट्स हैं। इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने या घटने के औसत पर जीडीपी दर तय होती है।

तो यह है बजट के कीवर्ड्स, उम्मीद है यह शब्दावली जानने के बाद अब आप बजट बेहतर तरीके से समझ पायेंगे.