पिता के निधन के बाद भी डटे रहे बजट डयूटी पर, वित्त मंत्रालय ने किया सलाम

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 इस बार के बजट पर पूरे देश की नजर टिकी हुई हैं. जिसमें ख़ास तौर पर सामान्य  वर्ग और सैलरी वाले लोगो को इस बजट से कुछ उमीदें हैं. वहीं बजट का होना कितना जरुरी होता हैं. उसको पूरा और सही से करने के लिए  दृढ़शक्ति की जरुरत होती हैं.  इसी की मिशाल को पेश किया हैं कुलदीप शर्मा ने. दरअसल कुलदीप शर्मा बजट की छपाई के लिए अपने पिता की मृत्यु होने के बाद भी काम करते रहे.  उनके पिता की मृत्यु २६ जनवरी को हुई थी. कुलदीप कुमार ने अपने काम के प्रति निष्ठा दिखाई. जिससे पता चलता हैं हमारे देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके लिए उनका काम सर्वोपरीय हैं.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after a cabinet meeting in New Delhi, Wednesday, Nov. 6, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI11_6_2019_000203B)

आपको बटा दें कुलदीप शर्मा ने बजट के नियमों का पालन करते हुए बजट की छपाई का काम पूरा किया. इसी की साथ वो अपने पिता के देहांत होने के बाद भी काम को पूरा करने की इच्छाशक्ति दिखायी और अपने काम को करने में व्यस्त रहे.  कुलदीप शर्मा ने कहा की बजट के छपाई का काम पूरा होने के बाद ही वो अपने घर जाएंगे. वहीं  वित्त मंत्रालय ने उनकी कर्मठता और निर्वहन की भावना को सलाम किया हैं.

दरअसल बजट छपाई का काम नॉर्थ ब्लॉक में किया जाता हैं और हलवा सेरिमानी के बाद बजट छपाई के काम में लगे कर्मचारी जब तक बजट का भाषण छाप नहीं जाता कोई बाहर नहीं आता हैं. इसी नियम का पालन करते हुए कुलदीप शर्मा ने अपने कार्य को बखूबी निभाया और एक मिशाल कायम करी. हमारे देश में ऐसे लोग बहुत कम होते हैं जो अपने काम के प्रति इतनी निष्ठा रखते हैं और उसे पूरा करने में जुट जाते हैं. कुलदीप शर्मा भी ऐसे ही कुछ निष्टावान लोगों में से एक हैं. जिनकी निष्ठा को देखते हुयेवित्त मंत्रालय ने भी उनकी सराहना की हैं.