तो क्या कर्नाटक में फिर मच रहा है सियासी संकट? यदुरप्पा के दावे से फिर शुरू हुई चर्चा

297

कर्नाटक में जब से राज्य सरकार बनी है तब से सियासी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहती हैं. अभी कर्नाटक से लोकसभा चुनाव समाप्त हुआ है तो विधानसभा को लेकर फिर ऐसी खबरें आने लगी कि कर्नाटक की राजनीति में उथल पुथल मचनी शुरू हो गयी ..
दरअसल कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस यदुरपा ने यह बयान देकर सनसनी मचा दी है कि कांग्रेस के 20 से ज्यादा विधायक मौजूदा सरकार से नाखुश हैं और वह कभी भी कोई भी फैसला ले सकते हैं. दरअसल कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार है. कुमारस्वामी यहाँ के मुख्यमंत्री हैं. लेकिन जब सरकार बनी तब से कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता लगातार नाराज बाताये जा रहे है. दरअसल पहले तो ख़बरें ऐसी आती थी कि मंत्री बनने के लिए कांग्रेस के नेताओं में होड़ मची है और जेडीएस के विधायक भी मंत्री बनने के लिए बेकरार हैं. ऐसे में ख़बरें तो ऐसी आई थी कि मंत्री ना बनायें जाने से कुछ विधायक कांग्रेस छोड़ सकते हैं लेकिन कांग्रेस ने सबको मना लिया और स्थिति काबू में आ गयी. इधर लोकसभा चुनाव शुरू हुए तो खबर ऐसी भी आई कि राज्य में मौजूदा कांग्रेस-जेडीएस सरकार लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। इसके अलावा ये खबर भी तेजी से फैली थी कि कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी पर विधायकों के खरीद-फरोख्त और सरकार गिराने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया… हालाँकि कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को तब तक हाई जैक करके रखा था जब तक मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो नही गया..वही पूरे मामले पर उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि कुछ लोग चुनाव में जाने के बारे में भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। कोई चुनाव के लिए तैयार नहीं है। हमने पांच साल तक सरकार चलाने के लिए गठबंधन किया है और हम कार्यकाल पूरा करें..


वैसे पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहकर राजनीतिक सनसनी मचा दी थी कि टीएमसी के 40 विधायक उनके सम्पर्क में हैं. लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आते ही ये विधायक ममता दीदी का साथ छोड़ देंगे.. कुछ इसी तरह के हालात दिल्ली में भी बने हुए हैं. लगभग तीन विधायक आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं. आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने खुद आरोप लगाया था और पूछा था कि कितने में खरीद रहे हैं हमारे विधायकों को?


वैसे कहाँ जा रहा था कि दिल्ली के 20 आम आदमी पार्टी के विधायक बीजेपी के सम्पर्क में हैं. हालाँकि भी लोकसभा चुनाव खत्म भी नही हुआ है. कर्नाटक में लोकसभा चुनाव के दौरान लोकसभा चुनाव के नतीजे किसके पक्ष में आते हैं ये देखने वाली बात होगी.. कर्नाटक की राजनीति पर हमारी नजर बनी हुई हैं. हम आप तक हर अपडेट पहुंचाते रहेंगे. वैसे यहाँ आपको यह बताना भी जरूरी है कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी कड़ी टक्‍कर देने के बावजूद सरकार बनाने में असफल रही थी। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस के कुल 116 और बीजेपी के 104 सदस्य हैं। दो निर्दलीय और एक बहुजन समाज पार्टी विधायक भी सत्ताधारी पक्ष के साथ हैं, जिससे गठबंधन का आंकड़ा 119 पहुंच जाता है।