फेरे लेते ही दुल्हन हुई बीमार, पति ने बिना बताए कराया वर्जिनिटी टेस्ट

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आज हम आपको अपनी स्टोरी सुननाने से पहले आपको वर्जिनिटी टेस्ट क्या होता है इसके बारे में बताना चाहते है..वर्जिनिटी टेस्ट का सीधा मतलब है ये पता करना कि लड़की वेर्जिन है या नहीं..उसने पहले किसी के साथ सेक्स किया है कि नहीं ?

स्टोरी सुननाने से पहले मैं आपको ये बता दूँ ये केस कर्नाटका के बंगलुरु का है ,यहाँ जो आदमी है उसका नाम हम रवि रख देते है क्यों की वीडियो पर हम आइडेंटिटी छुपाने के लिए हमने ये नाम रवि रखा है ,ये जो लड़का था ये MBA था, ये बहुत बड़ी और अच्छी खासी मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता था, उसकी मुलाकात हुए एक लड़ी से मैट्रिमोनियल साइट पर मिले थे उस लड़की का नाम रौशनी था वो भी MBA ग्रेजुएट थी और काफी अच्छी नौकरी कर रही थी, यहाँ हमने लड़की का नाम भी बदल दिया है क्यों की हम आइडेंटिटी रीबिल नहीं कर सकते है कुछ दिनों तक इन दोनों के बीच काफी अच्छी बातचीत चलती रही, दोनों बहार भी घुमते थे और मिलते जुलते भी रहते थे, उसके बाद वो दिन आया जब उन्होंने शादी करने का फैसला किया..लेकिन शादी से 15 दिन पहले ही रौशनी की मा गुजर गयी ,क्यों की उनको कैंसर था, और उसके के पिता का काफी समय पहले ही निधन हो गया था..लेकिन माँ के खोने के बाद रौशनी पूरी तरह से टूट गये थी और धीरे धीरे वो डिप्रेशन में जाने लगी थी , अप जब कोई इतने मुश्किल दौर से गुजरता है तो उसके होमटाउन के कुछ दोस्त उसका माइंड डाइवर्ट करने के कोशिश लगे रहते थे .. उसके बाद रौशनी अपने उस दोस्त से कभी कभार बात करती ही रहती थी जिसने उसका डिफिकल्ट टाइम में उसका सपोर्ट किया उसको माँ के निधन के बाद संभाला.
लेकिन उसकी डिप्रेशन को देख कर उसके फिओनसे रवि को ये लगा कि वो इस शादी से खुश नहीं है और दोस्त से बात करने वाली बात को लेकर रवि के मन में गहरा शक भी आ गया था उसे यहाँ तक लगा हो सकता है रौशनी शादी करना ही नहीं चाहती इसलिए वो इत्ती दुखी है..पर वो ये नहीं समझा कि माँ को खोने के बाद रौशनी को एक जूरदार झटका लगा था जो स्भाविक है
खैर जैसे तैसे शादी का वो दिन भी आया, जब उन दोनों की शादी हो गयी थी ,लेकिन शादी के चंद मिनटों बाद ही रौशनी को उलटी होना शुरू हो गया है ..उसके बाद उसका हस्बैंड रवि उसको को लेकर तुरंत हॉस्पिटल गया..आपको लग रहा होगा कितना अच्छा हस्बैंड है जो इतने रिश्तेदार और लोगों के होते हुए भी शादी के माहौल में अपनी पत्नी को पहले हॉस्पिटल लेकर गया और शायद रौशनी ने भी यही सोचा होगा,कि उसका हस्बैंड उसकी हेल्थ को कितनी इम्पोर्टेंस देता है..लेकिन माजरा तो कुछ और ही था,जब रौशनी ने अपने चरों और देखा तो बहुत सारे डॉक्टर्स और नर्स मूजौद थे..टेस्ट जब हुए तब रौशनी को समझ में आया कि उसका नोर्मल चेक उप नहीं किया जा रहा बल्कि उसका प्रेगनेसी और वेर्जिनिटी टेस्ट किया जा रहा है..क्यों की उसे उलटी हुए थी वो सिर्फ गैस कि प्रॉब्लम से लेकिन उसके हस्बैंड को तो पहले से ही कोई और शक चला आ रहा था और ये ही जाने के लिए कही वो प्रेग्नेंट तो नहीं है वेर्जिन हा की नहीं उसने रौशनी का प्रेगनेसी और वेर्जिनिटी टेस्ट कराया, रौशनी ने काउंसलर को ये भी बताया कि जब वो हॉस्पिटल में थी तो उससे कुछ कागज पर भी सिग्नेचर करवाए गये पर उसे ये नहीं पता था कि वो कंसेंट फोम थे इसलीये उस ने बिना पढ़े साइन कर दिए ,कंसेंट फोम मतलब उसने अपनी रजामंदी उसने से ये टेस्ट करवाए है..लेकिन बाद में जब रौशनी को ये सब पता लगा तो उन दोनों की बीच काफी लड़ाई झगडा हुआ..और वो रवि को छोड़ कर अपनी बहन के घर रहने चली गये..और जब वो ३ महीने तक घर वापस नहीं आये तो उसके पति रवि ने एक फॅमिली काउंसिलिंग सेंटर में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी..फिर रौशनी ने आकर काउंसलर को खुलकर सारी बात बताई की हुआ क्या था ..तो वो लोग भी सुनकर सोकड़ रह गये..उन्होंने भी रवि को समझाने की कोशिश की लेकिन वो कुछ नहीं समझा और उसने तलाक के लिए अर्जी डाल दी..अब ये केस चल रहा है..ये केस आज ये दिखता है कि आज भी कुछ लोगों की मानसिकता कैसी है बात शक की नहीं है पर बात ये है शक होने पर कोई कैसे किसी लड़की के वेर्जिनिटी टेस्ट करवा सकता है..ये कोई ना समझी में किया गया काम नहीं है ये एक पढ़ा लिखा इंसान था MBA ग्रेजुएट था.. ये लोग भी अगर ऐसी घिनोनी मानसिकता को बढावा देंगे तो हम औरों से क्या उम्मीद कर सकते है.