ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #BoycottRedLabel, हिन्दुओ की भावनाओं से किया खिलवाड़

380

आजकल हिन्दुओं को ज्ञान देने का एक फैशन सा चल पड़ा है. पहले ज़ोमेटो, उसके बाद mcdonalds और अब रेड लेबल चाय हिन्दुओं को ज्ञान दे रही है. दरअसल आज सुबह से ट्विटर पर #boycottredlabel काफी ट्रेंड कर रहा है. लोग #BoycottRedLabel हैशटैग के साथ खूब ट्वीट कर रहे हैं. जिसकी वजह से ये हैशटैग पूरे इंडिया में टॉप ट्रेंड कर रहा है. आइये आपको बताते है कि पूरा मामला आखिर क्या है.  एक विज्ञापन को लेकर रेड लेबल सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल हो रहा है. ये विवाद हिंदुस्तान यूनिलीवर की रेड लेबल चायपत्ती के विज्ञापन को लेकर है.

इस विज्ञापन में एक शख्स जो हिंदू है वो एक कारीगर से गणेश की मूर्ति खरीदने को इसी लिए तैयार नहीं हो रहा होता क्योंकि वो मुस्लिम है. फिर वो कारीगर उसे चाय पीने के लिए कहता है, जिसके बाद वो शख्स थोड़ा हिचकता है और कहता है, ‘आज कुछ काम है, मैं कल आता हूं.’ इस पर कारीगर को लगता है कि वो उसके महजब को देखकर ही उससे मूर्ति नही खरीद रहा. तो वो उसे फिर चाय पिलाता है. जिसके बाद वो शख्स इस बात से प्रभावित होकर मूर्ति खरीदने के लिए तेयार हो जाता है.

अब सवाल तो ये उठता है कि क्या ब्रुक बोंड को त्योहारों पर हिन्दुओं को ही शांति और भाईचारे का पाठ पढ़ाना होता है? हालांकि देखा जाए तो आम ज़िन्दगी में हिंदू मुस्लिमों कि दुकान से सामान खरीदते है. कई हिन्दुओं के मुस्लिम दोस्त भी होते है. हिंदू किसी मुस्लमान से बात करने में कतराते भी नहीं है. फिर ऐसे विज्ञापन में ये क्यों दिखाया जाता है कि हिन्दुओं को ही भाईचारे के साथ रहना चाहिए. सवाल ये उठता है कि ऐसे त्योहारों में चाहे वो दुर्गा पूजा हो या गणेश चतुर्थी हो ज्यादातर मूर्तिकार मुस्लिम ही होते है. और लोग उनसे बिना हिचक के सामान खरीदते भी है. लेकिन ऐसे विज्ञापन बनाकर ये PROPOGANDA फैलाया जाता है कि हिंदू, मुस्लिमों के साथ अछूतों की तरह व्यवहार करते है. उनसे बात करने में झिझकते है.

इससे पहले भी रेड लेबल के एक विज्ञापन में दिखाया गया था कि एक हिंदू फैमिली अपने मुस्लिम पड़ोसी से संबंध बनाने से कतराते है. पर जब वो पडोसी उन्हें चाय पिलाती है तो वो घुल मिल जाते है. SURF EXCEL ने भी ऐसा ही विज्ञापन दिखाया था. समाज में भेदभाव तो ऐसे विज्ञापन फैलाते है. विज्ञापन द्वारा दिखाया जाता है कि मुस्लिम हिन्दुओ से बात करने में झिझकते नही है. वो दिखाते है कि हिंदू ही है जो समाज में मुस्लिमों के साथ भेदभाव करते है. उनके साथ अछूतों की तरह पेश आते है. हिंदू ही हैं जो समाज का माहौल बिगाड़ते हैं. सब कुछ तो बस हिंदू ही करते हैं इस्लाम ही एकमात्र शांतिप्रिय धर्म है इस ब्रह्माण्ड का.