इन विवादित बयानों के कारण यूके के नए PM को कहा जा रहा है वहां का ट्रम्प

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यूनाइटेड किंगडम को उसका नया प्रधानमंत्री मिल गया . बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद के रेस में यूनाइटेड किंगडम के मौजूदा विदेश मंत्री जेरेमी हंट को मात दी . सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी में नेता के चुनाव में जॉनसन को 66 प्रतिशत वोट मिले . प्रधानमंत्री चुने जाने से पहले बोरिस जॉनसन लन्दन के मेयर और यूनाइटेड किंगडम के के विदेश मंत्री रह चुके हैं . लेकिन इन सब से इतर उनकी एक और पहचान है और वो है विवादित बयान देने वाला नेता और शायद इसी कारण उन्हें यूके का ट्रम्प कहा जा रहा है .

राजनीति में आने से पहले जॉनसन पत्रकार थे. ऑक्सफ़ोर्ड के balliol कॉलेज से क्लासिक्स विषय में पढाई करने के बाद उन्होंने मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर अपना कैरियर शुरू किया लेकिन जल्द ही वो इससे उब गए और पत्रकारिता में कैरियर बनाने के लिए फील्ड बदल लिया. 1987 में उन्होंने द टाइम्स अखबार में रिपोर्टर की नौकरी के साथ अपने पत्रकारिता कैरियर की शुरुआत की .लेकिन गलत रिपोर्टिंग के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया . द टाइम्स से निकाले जाने के बाद उन्हें द टेलीग्राफ में नौकरी मिली और वहां वो असिस्टेंट एडिटर के पद तक पहुंचे . 1994 में द स्पेक्टेटर में पॉलिटिकल कॉलम लिखने लगे और फिर वहीँ से राजनीति में आ गए .

जॉनसन अपने आपत्तिजनक बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं और साथ ही साथ उन्हें दक्षिणपंथी विचारधारा वाला मना जाता है . बोरिस जॉनसन ने कई मौको  पर अपना इस्लाम विरोधी नजरिया दिखाया है और शायद इसलिए उन्हें यूनाइटेड किंगडम का ट्रम्प कहा जा रहा है . अगर बात करें जॉनसन के विवादित बयानों की तो इसकी लम्बी लिस्ट है . 2016 में उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के बारे में आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा था कि ओबामा कभी कभी केन्या मूल के लगते हैं . उनके इस बयान पर खूब बवाल मचा था और इसे रंगभेद वाली टिपण्णी माना गया था . हिलेरी क्लिंटन के बारे में जॉनसन ने कहा था कि वो मेंटल हॉस्पिटल की सेडेस्टिक नर्स की तरह लगती हैं . 2018 में उन्होंने द टेलीग्राफ में एक लेख लिखा था जिसमे उन्होंने बुरका पहनने वाली महिलाओं की तुलना बैंक लुटेरों और लेटर बॉक्स से की थी . उन्होंने कहा था कि लोग लेटर बॉक्स बनकर सडकों पर घुमते हैं ये बहुत ही हास्यास्पद है .

द गार्जियन में उन्होंने अपने लेख में लिखा था कि इस्लाम की वजह से मुस्लिम देश पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत पीछे छूट गए . उन्होंने लिखा कि मुस्लिम समाज जितना पिछड़ा उतना ही उसके अन्दर कट्टरवाद की भावना जन्म लेती गई . उन्होंने ईराक से लेकर फलिस्तीन और कश्मीर समस्या में मुस्लिमों की भूमिका पर सवाल उठाये. गार्जियन में एक और लेख में उन्होंने लिखा था कि दुनिया में पीछे धकलने वाली सबसे बड़ी ताकत इस्लाम है.

ट्रम्प और मोदी की तरह ही जॉनसन भी राष्ट्रवाद के समर्थक माने जाते हैं . जिस तरह से ट्रम्प ने मैसिको से आने वाले प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया और मोदी बांग्लादेशी और रोहंगीय घुसपैठियों के खिलाफ स्पष्ट नजरिया रखते हैं उसी तरह जॉनसन भी ब्रेग्जिट के बारे में स्पष्ट नजरिया रखते हैं .