महाराष्ट्र में बीजेपी को एक और झटका, कांग्रेस शिवसेना को हराकर बीजेपी ने दर्ज की जीत

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महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की राह अब अलग हो चुकी है. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सरकार बना ली और शिवसेना की वजह से ही बीजेपी आज सत्ता से बाहर है. ये बात ना कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बुरी लगी बल्कि इससे शिवसेना के कार्यकर्ता भी गुस्से में हैं. इसी के साथ हाल ही में भिवंडी में हुए महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना और कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है.

दरअसल कोणार्क विकास आघाडी (केवीए) और भाजपा की संयुक्त प्रत्याशी प्रतिभा विलास पाटिल ने कांग्रेस को झटका देते हुए गुरुवार को भिवंडी निजामपुर महानगर पालिका के महापौर के चुनाव में जीत हासिल की. केवीए-बीजेपी गठबंधन ने उप महापौर का चुनाव में भी जीत दर्ज की.  कोणार्क विकास अघाड़ी ने महापौर के लिए प्रतिभा पाटिल और उपमहापौर के लिए कांग्रेस के बागी नगरसेवक इमरान खान को उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस को झटका तब लगा जब महापौर चुनाव से पहले ही कांग्रेस के 18 नगरसेवक कोणार्क विकास अघाड़ी के साथ चले गए. चुनाव में कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटील को 49 और कांग्रेस-शिवसेना की उम्मीदवार रिषिका राका को 41 मत मिले.

यहाँ मतलब ये साफ़ है कि कांग्रेस के वोटर्स ने क्रॉस वोटिंग की है जो कांग्रेस और शिवसेना के लिए हार का सबसे बड़ा कारण बना है. यहाँ महाराष्ट्र में कांग्रेस के 18 पार्षदों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को वोट दे दिया है. एक तरीके से बगावत कर दी.

हाल ही में मुंबई, धारावी के शिवसेना के 400 कार्यकर्ताओं ने एक साथ इस्तीफ़ा दे दिया है,ये लोग कांग्रेस के साथ सरकार बनाने पर शिवसेना से नाराज थे. इसी तरह कई नेता और कार्यकर्ता अब शिवसेना छोड़ कर या तो बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं या फिर राजनीति छोड़ रहे है. दरअसल महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन सरकार शिवसेना ने कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलाकर बनाई. इसी बात से शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.