कृषि बिलों को लेकर बीजेपी उठाने जा रही है ये बड़ा कदम, अब घर घर जाकर..

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केंद्र सरकार ने किसानों के फायदे को देखते हुए तीन कृषि बिल पेश किए. जिसके बाद विपक्षी दलों ने उसका विरोध शुरू कर दिया. काफी विरोध के बाद भी वो बिल राज्यसभा और संसद में पास हो गए. विपक्ष ने सदन में इस दौरान सभी मर्यादाओं को तार तार कर दिया था. जिसके बाद कई सांसदों को कार्यवाही से निलंबित भी किया गया था.

बिल का विरोध कर रहे किसानों को लेकर पीएम मोदी ने खुद ये बात बताई कि ये बिल उनके फायदे के लिए लाया गया है. कुछ बिचौलिए लोग किसानों को इस बिल के प्रति भड़का रहे हैं आप लोग किसी की बातों में न आएं. इसके बाद भी विपक्षी दलों ने इन बिलो को राष्ट्रपति से मंजूर न करने के लिए गुहार लगाई थी. विपक्ष के विरोध की एक न चली और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन बिलों पर सहमती जताते हुए मंजूरी दे दी.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद भी पक्ष और विपक्ष में अपनी अपनी मोर्चाबंदी तेज कर दी है. वहीँ इसी बीच एक बड़ी खबर ये आ रही है कि केंद्र सरकार और सत्ता पक्ष किसान कानून को जमीन पर उतारने की रणनीति बना रहे हैं ताकि जनता और किसानों को इन बिलों के फायदे गिनाये जा सके. पीएम मोदी खुद लोगों से बात कह चुके हैं कि किसानों को बहकाया जा रहा है.

गौरतलब है कि पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सांसदों से पूछा कि अभी तक इन ऐतिहासिक विधेयकों के पारित होने के बाद प्रचार प्रसार के लिए उन्होंने क्या कार्यक्रम किये? वहीँ मानसून सत्र के दौरान शीर्ष नेतृत्व के दौरान सभी सांसदों को फार्म बिल को अपने क्षेत्रों में जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद खबर ये आ रही है कि बीजेपी ने एक अभियान चलाने का निर्णय लिया था, बीजेपी किसानों के बीच इन कानून प्रचार के लिए 7 राज्यों और यूटी में पहले से ही आत्मनिर्भर किसान नाम से अभियान चला रही है. बीजेपी 25 सितंबर से 15 दिनों तक 7 राज्यों और यूटी में जनसंपर्क अभियान के तहत इन बिलों पर जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके तहत गाँव गाँव और घर घर संपर्क किया जायेगा. ताकि लोग इन बिलों को लेकर जागरूक हो.