बीजेपी सांसद ने दिया विवादित बयान, कहा ‘अगर गद्दार पत्थर चलाएंगे तो हम…’

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देश में पिछले कई दिनों से माहौल को कुछ लोगों ने ख़राब कर रखा है या फिर ये भी कहा जा सकता है कि कुछ राजनीतिक पार्टियों ने जिनको ये लगता है की वो अब अपनी चुनावी रोटियाँ सेकने में नाकामयाब रही हैं, तो उन लोगों ने पूरे देश में दं’गा भड’काने का काम किया है. यहीं एक वजह है जिसकी वजह से कुछ लोग या विपक्षी पार्टियाँ जिनके साथ तथाकतिथ लेफ्टिस्ट जिन्होंने देश को जलाने की पूरी कोशिश की थी. लेकिन उस कोशिश में कामयाब नही हो सके. दरअसल, बवाल का कारण नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) है. जो भारत सरकार द्वारा लाया गया है. इसको लेकर पूरे देश में  भाजपा के सांसद और  विधायक रैली कर के लोगो तक पहुँच रहें है और लोगो को समझा रहें है कि नागरिकता संशोधन कानून के बारे में.

अब आपको बताते है कि कल कुछ लोगो के समर्थन में रैली कर रहे बीजेपी सांसद संजय कुमार ने विवादित बयान दिया है. तेलंगाना के करीमनगर से बीजेपी सांसद संजय कुमार ने कहा कि “अगर राष्ट्र के गद्दार पत्थर चलाएंगे तो हम जवाबी कार्रवाई में बम से हमला करेंगे.” इनके इस बयां के बाद राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया है और राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया है.

बुधवार को वारंगल में सीएए के समर्थन में भाजपा की तरफ से एक रैली का आयोजन किया गया था. रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी के सांसद बोले कि राज्य में आगामी नगरपालिका चुनावों में ‘लाभ’ के लिए सत्तारूढ़ टीआरएस और एआईएमआईएम नागरिकता कानून का विरोध कर रही हैं.

आगे बीजेपी के सांसद संजय ने अपनी बात में दावा किया कि हमारे जैसे कुछ देशभक्तों ने गुंटूर के पास तेनाली में एक रैली निकाल रहे थे, उस समय कुछ गद्दारों ने हमारे ऊपर पत्थरों से हमला किया. आपको क्या लगता है कि हम डरते हैं? ये सवाल भी पूछा कि “अगर तुम पत्थर से वार करोगे, तो हम अपने हाथ में बम से हमला करेंगे”. वहां पर मोजूद लोगों ने कहा कि तुम लाठी उठाओगो, तो हम चाकू से हमला करेंगे.” अगर तुम रॉकेट से हमला करोगे, तो हम लांचर से मारेंगे. उन्होंने आगे कहा कि अब लड़ाई शुरू हो गई है. उनके इस भाषण का एक वीडियो कुछ टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित भी किया गया.

उन्होंने कहा कि जेलों में, राष्ट्रविरोधियों को पुलिस द्वारा लाठियों से पीटना कोई नई बात नहीं है.संजय कुमार ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में नगरपालिका चुनावों में वोट पाने के लिए टीआरएस और एमआईएम सीएए का विरोध इसलिए कर रहे है, ताकि उन्हें मुस्लिम वोट बैंक मिल जाएं. लेकिन यह बात वारंगल के लोग खूब अच्छी तरह से समझ गए हैं.