महात्मा गाँधी पर BJP सांसद ने कहा कुछ ऐसा कि मच गया बवाल

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भारत में राजनीति को लेकर आये दिन कोई न कोई बयान बाजी किसी न किसी पार्टी के नेता करते रहते है. शायद ये नेता सब भूल जाते हैं कि किस को किस पर क्या बोलना हैं? भारत में कांग्रेस के ज्यादातर नेता विवादित बयान देने के लिए चर्चा में रहते हैं और कह सकते हैं कि शायद ये कांग्रेस नेता की फितरत में हो ऐसा करना या फिर राजनीति में अपनी मौजूदिगी को लोगो को दिखाने के लिए ऐसे उल जलूल बयान बाजी करते हैं. लेकिन ताजुब्ब तब होता है जब बीजेपी ये कहती है की कांग्रेस ने 70 साल से देश के साथ और देश के साथ ऐसा किया और महापुरषों को लेकर अपशब्द का प्रयोग करती आ रही है.

कांग्रेस और बीजेपी में महात्मा गाँधी को लेकर जुबानी जंग छिड़ी रहती है. आपको बता दें बीजेपी से मध्य प्रदेश की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे का समर्थन करते हुए नजर आती हैं. यही कारण है की दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे पर कटाक्ष करते हुए नजर आते हैं.आज वही काम बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर कन्नड़ से सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने किया और एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं. इस बार हेगड़े ने ‘राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी पर हमला बोला है और उनके नेतृत्‍व में हुए आजादी के आंदोलन को ‘ड्रामा’ करार दिया है. बीजेपी नेता ने कहा कि पता नहीं लोग कैसे ‘इस तरह के लोगों को’ भारत में ‘महात्‍मा’ कहा जाता है’.

शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्‍तर कन्‍नड लोकसभा सीट से सांसद हेगड़े ने कहा कि पूरा ‘स्‍वतंत्रता संघर्ष अंग्रेजों की सहमति और मदद से अंजाम दिया गया.’ आगे हेगड़े ने कहा, ‘इन कथित नेताओं में से किसी नेता को पुलिस ने एक बार भी नहीं पीटा था. उनका स्‍वतंत्रता संघर्ष एक बड़ा ड्रामा था.

हेगड़े ने कहा, ‘स्‍वतंत्रता संघर्ष को इन नेताओं ने ब्रिटिश लोगों की सहमति से रंगमंच पर उतारा था. यह वास्‍तविक संघष नहीं था, ये कुछ लोगो के कहने पर संघर्ष किया गया था. यह मिलीभगत से हुआ स्‍वतंत्रता संघर्ष था.’ बीजेपी नेता ने महात्‍मा गांधी के भूख हड़ताल और सत्‍याग्रह को एक ‘ड्रामा’ करार दिया.
उन्‍होंने कहा, ‘कांग्रेस का समर्थन करने वाले लोग लागातार यह कहते रहते हैं कि भूख हड़ताल और सत्‍याग्रह की वजह से भारत को आजादी मिली. यह सत्‍य नहीं है. हेगड़े ने बहुत तीखे सब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि अंग्रेज सत्‍याग्रह की वजह से भारत से नहीं गए है.

अंग्रेजों ने निराशा में आकर हमें आजादी दी. जब मैं इतिहास पढ़ता हूं तो मेरा खून खौल उठता है. इस तरह से लोग हमारे देश में महात्‍मा बन गए. ये भाषा एक सविंधान की शपथ लेने वाले नेता द्वारा देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बारे में कही गई हैं जो की उनको शोभा नही देता हैं और ये ऐसा देश हैं जहाँ कोई किसी को कुछ भी बोल सकता है. उसको बोलने की आज़ादी होती है. उसके बाद भी कुछ तथाकथित और बूध्दीजीवी लोग बोलते हैं कि भारत में लोगो को खतरा है. ये बात तो समझ से परे है. इसको लेकर लोग सरकार के खिलाफ धरना देते है और कई तरह के आरोप और प्रत्यारोप लगाते है. बीजेपी नेता के इस बयान के बाद कांग्रेस ने बीजेपी के नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘अंग्रेजो के चमचों और जासूसों’से रास्ट्रपिता को प्रमाणपत्र की जरूरत नही है.