क्या आम चुनाव से पहले लोगों को मिलेगी आम बजट की सौगात ? यहां जानिए बजट से जुड़े हर तथ्य को…

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बजट पेश करने का दिन आने वाला है और खबरों में बजट ही बजट छाने वाला है……इसलिए आज आपको बजट से रिलेटेड वो सारे तथ्य समझाएंगे जो खबरों में है….लेकिन सबसे पहले जान ले की बजट की खबरों में आज नया क्या है….

1 फरवरी को मोदी सरकार पूर्ण बजट कर सकती है पेश

मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी…यह मोदी सरकार का लगातार छठा केंद्रीय बजट होगा…इस बार वे पूर्ण बजट की जगह अंतरिम बजट पेश करेंगे…..अभी तक तो बजट में खबर यही आ रही थी…लेकिन अब खबर इसके उलट आ रही है…नहीं समझें …तो जान लिजीए की सुत्रों ने बताया कि इस बार मोदी सरकार अंतरिम बजट नहीं बल्कि पूर्ण बजट पेश करेंगी…और इससे पहले की खबर को जाने आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है की अतंरिम बजट और पूर्ण बजट आखिरकार होता क्या है….

Hand putting coin to money staircase

आप आए दिन सुनते है की इस साल का बजट क्या है, तो पहले जानिए की बजट है क्या

बता दें की संविाधान में ‘बजट’ शब्द का जिक्र नहीं है जिसे बोलचाल की भाषा में आम बजट कहा जाता है, उसे संविधान के आर्टिकल 112 में ‘एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट’ कहा गया है, आम बजट में सरकार की आर्थिक नीति की दिशा दिखाई देती है..इसमें मंत्रालयों को उनके खर्चों के लिए पैसे का आवंटन होता है, बड़े तौर पर इसमें आने वाले साल के लिए कर प्रस्तावों का ब्योरा पेश किया जाता है…इसको और भी असान भाषा में समझिए बजट एक ऐसा शब्द है जोकि, आम जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है…कोई भी समझदार व्यक्ति अपने हर छोटे बड़े काम या कोई भी खर्चे या निवेश का बजट बना कर ही काम करता है, ठीक उसी तरह सरकार भी अपने मुख्य काम, आय-व्यय का लेखा-जोखा बजट से ही करती है, और हर साल सरकार जनता के सामने अपना बजट प्रस्तुत करती है….

हर साल बजट जो कि 1 अप्रैंल से लेकर 31 मार्च तक यानि की 1 साल तक..जिसे हम बोलते है 1 वित्तिय वर्ष के लिए पेश होता है….

पहले बजट जो था दो भाग में आता था पहला जो था आम बजट और दूसरा रेल बजट…लेकिन अब क्या है की ये दोनों एक साथ आ गया है जिस वजह से हम इसे पूर्ण बजट बोलते है…जो सरकार 1 साल के लिए पेश करती है….

1924 से ही संसद में एक अलग रेल बजट पेश किया जाता है…लेकिन 2018 से ही मोदी सरकार ने रेल बजट को आम बजट के साथ मिला दिया…इस तरह से आम बजट में वे सभी प्रस्ताव भी शामिल होंते है जो रेल बजट में अलग से होते थे..

मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद..बजट के मामले में कई बदलाव किए …उसने फरवरी के अंत में बजट पेश करने की परंपरा भी खत्म कर दी…..अब फरवरी की शुरुआत में बजट पेश होने से वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल से ही मंत्रालयों को बजट का पैसा आवंटित कर दिया जाता है…इससे सरकार के विभागों को बजट का पैसा खर्च करने के लिए ज्यादा वक्त मिल जाता है. इसके अलावा कंपनियों को भी टैक्स और कारोबार से जुड़ी योजानाएं बनाने में मदद मिलती है.

आम बजट में क्या शामिल होता है?

बजट डॉकेट में करीब 16 दस्तावेज होते हैं, इसमें बजट भाषण होता है। इसके अलावा हरेक मंत्रालय के खर्च प्रस्तावों का विस्तृत ब्योरा होता है। साथ यह रकम कहां से आएगी, इसके प्रस्ताव भी बजट में बताए जाते हैं….

अब आइये जानते है की अंतरिम बजट क्या होता है

अंतरिम बजट को (Vote on Account) कहा जाता है. इसे लेखानुदान मांग और मिनी बजट भी कहा जाता है….अंतरिम बजट के जरिए सीमित अवधि यानि की कुछ महिने के लिए सरकार के जरूरी खर्च को मंजूरी मिलती है….परंपरा रही है कि आम चुनाव से पहले सरकार अंतरिम बजट पेश करती है…पुरानी सरकार का कार्यकाल पूरे वित्त वर्ष के लिए नहीं होता इसलिए अंतरिम बजट कुछ महीने के लिए पेश किया जाता है….हालांकि ये बस परंपरा है….ऐसा कोई नियम नहीं कि चुनाव से पहले सरकार पूर्ण बजट पेश नहीं कर सकती…हा भले ही चुनाव के बाद आने वाली सरकार बदलाव कर सकती है….

‘सरकार को परंपरा का पालन करते हुए अंतरिम बजट ही लाना चाहिए ‘

अब चलिए खबर की ओर बढ़ते है…तो खबर ये है कि मोदी सरकार आगामी 1 फरवरी को सरकार के बचे कार्यकाल की जगह पूरे साल के आय-व्यय के लिए एक पूर्ण बजट ला सकती है….इस खबर से कांग्रेस में हलचल है..इसको लेकर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार को सात दशक की परंपरा का पालन करते हुए अंतरिम बजट ही लाना चाहिए..मौजूदा सरकार का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा, सरकार का कार्यकाल जब वित्त वर्ष 2019-20 के आरंभ होने से 56 दिनों के भीतर समाप्त हो रहा है तो फिर सरकार कैसे 365 दिनों का बजट पेश कर सकती है….5 साल के लिए चुनकर आई सरकार 6 पूर्ण बजट नहीं पेश कर सकती..ऐसा हुआ तो संसद के भीतर और बाहर कांग्रेस विरोध करेगी….वहीं, बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस की सरकार पहले ही इस परंपरा का उल्लंघन कर चुकी है, इसलिए वह भाजपा को इस बारे में शिक्षा न दे……भाजपा नेताओं के अनुसार लेखानुदान…किसी पूर्ण बजट की ही तरह होता है और सरकार को किसानों, ग्रामीण क्षेत्र और मध्यवर्ग के लिए रियायतों की घोषणा से पीछे नहीं हटना चाहिए….

लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से ये साफ नहीं किया गया है कि आगामी बजट पूर्ण बजट होगा या अंतरिम बजट. हालांकि बीते दिनों निवर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अंतरिम बजट वोट ऑफ एकाउंट से बढ़कर होगा…सूत्रों के अनुसार इस बार के बजट में मोदी सरकार मिडिल क्लास को लुभाने के लिए इनकम टैक्स लाभ देने की घोषणा कर सकती है…साथ ही वित्त मंत्रालय बचत सीमा बढ़ाने, पेंशनर्स के लिए टैक्स लाभ और हाउसिंग लोन के ब्याज पर और अधिक छूट जैसे विकल्प पर भी विचार कर रहा है. इस बार फिर से सैलरीड क्लास को राहत देने की उम्मीद है. इसके अलावा सरकार कस्टम ड्यूटी में भी बदलाव पर विचार कर रही है….