एग्जिट पोल में भाजपा हार के बावजूद इस तरह से फायदे में

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दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी. किसका दिल्ली की सत्ता पर राज होगा ये तो 11 फरवरी को नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा. दिल्लीवासियों ने दिल्ली की सत्ता को EVM मशीन में कैद कर दिया हैं. जिसे 11 फरवरी को खोला जायेगा और दिल्ली में कौन मुख्यमंत्री होगा इसका पता चलेगा. लेकिन अभी तक आये सभी एग्जिट पोल में AAP पार्टी को बहुमत के साथ सीटें मिलती हुई दिख रही हैं और बीजेपी की भी सीटें दिखाई दे रही हैं. लेकिन कांग्रेस का नामोनिशान भी नहीं दिख रहा.

वहीं बात की जाए 2015 की तो दिल्ली में AAP को 54.3 पर्सेंट वोट मिले थे और बीजेपी के हिस्से में 32.3 पर्सेंट वोट आए थे. जिसमे आप पार्टी ने 67 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं बीजेपी को केवल 3 सीटों के साथ ही संतुष्ट होना पड़ा था. जिसके हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा हैं. एक बार दोनों ही पार्टी के वोटों में इजाफा हो सकता हैं. वही कांग्रेस को 2015 में केवल 10 फीसदी वोट मिले थे लेकिन इस बार के एग्जिट पोल के हिसाब से केवल 5 एर्सेंट ही वोट मिलने के आसार हैं.

दिल्ली विधानसभा का चुनाव कल शाम को पूरा हो गया. जिसमे अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में 2015 के मुकाबले कम वोट हुआ हैं. उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद में शाम पांच बजे तक 66.29 प्रतिशत मतदान हुआ.  पुरानी दिल्ली के मटियामहल इलाके में 65.62 मतदान हुआ. सीलमपुर में 64.92 मतदान हुआ. जाफराबाद, जामिया नगर, तुर्कमान गेट, शाहीन बाग जैसे इलाकों में वोटिंग बूथ पर लम्बी लाइन देखने को मिली.

सभी एग्जिट पोल में अनुमान लगाया जा रहा हैं. कि दिल्ली में एक बार फिर से AAP पार्टीअपनी जीत दर्ज कर रही हैं वही 2015 के मुकाबले में बीजेपी को इस बार सीटों में बढ़ोतरी होती नजर आ रही हैं और कांग्रेस का सुफडा साफ़ होते दिख रहा हैं.