बड़ा खुलासा : बिहार रेजिमेंट के जवानों ने गलवान घाटी में पल’टवार कर 18 चीनी सै’निकों की तो’ड़ दी थी ग’र्दन

3881

15 जून की रात गलवान घाटी में भारतीय और चीनी जवानों के बीच हुई हिंसक झ’ड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए जबकि कई घा’यल हो गए.नु’कसान चीन को भी हुआ. लेकिन चीन ने कभी अपने मृ’त या घा’यल सैनिकों की संख्या नहीं बताई. अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक़ इस झ’ड़प में चीन के 50 से अधिक सैनिक मा’रे गए या घा’यल हुए. हालाँकि भारत में ही लिबरल और वामपंथी गैं’ग ने इन दावों पर सवाल उठाये. लेकिन अब इस झ’ड़प के बारे में खुलासा हुआ है कि चीन को कितना नुकसान उठाना पड़ा.

गलवान घाटी में भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट की तैनाती है. बिहार रेजिमेंट के करीब 16 जवान उस झ’ड़प में शहीद हुए थे. बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी. संतोष बाबू भी इस झ’ड़प में शहीद हो गए. चीनियों द्वारा धोखे से अपने कमांडिंग ऑफिसर के मा’रे जाने की बात सुनकर बिहार रेजिमेंट ने पलटवार किया और अपना रौद्र रूप दिखाया. बिहार रेजिमेंट के जवानों ने चीनी सैनिकों के ह’थिया’र छीन कर उन्ही पर पल’टवार किया. करीब 18 चीनी सैनिकों की गर्दनें तो’ड़ दी. ये खुलासा किया है द एशियन एज ने.

द एशियन एज ने विभिन्न श्रोतों के हवाले से खबर दी है कि भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों का वो हाल किया कि उन्हें पहचान पाना भी कठिन हो रहा था. चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों से चार गुना अधिक थी. लेकिन इसके बावजूद भारतीय सैनिक चीनियों पर भारी पड़े. चीनी सैनिकों को ऐसे पलटवार की उम्मीद नहीं थी. वो भाग खडे हुए और घाटियों में छुप गए. चार घंटे बाद जब झ’ड़प ख़त्म हुई तो घा’यल और मृ’त चीनी सैनिकों को ले जाने के लिए चीनी हेलिकॉप्टर और एम्बुलेंस आये. ह’ताहत चीनी सैनकों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि राहत के लिए कई चीनी हेलिकॉप्टरों को लगाया गया. जिससे ये अंदाजा लगाया गया कि चीन को नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है.