बिहार में नीतीश नहीं होंगे एनडीए के नेता? चिराग पासवान के ट्वीट से मचा भूचाल

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हालाँकि अभी बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन राजनीति तेज हो गई है और पार्टियों ने अपने दांव चलना शुरू कर दिया है. राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन में महाभारत मची है. जबकि एनडीए के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार को ही अब तक माना जा रहा था. लेकिन लोजपा नेता और जमुई से सांसद चिराग पासवान के एक ट्वीट ने बिहार की राजनीति में खलबली मचा दी. चिराग के ट्वीट के बाद ये सवाल भी उठने लगा कि क्या एनडीए में सब ठीक ठाक है?

‘बिहार चुनाव में एनडीए का चेहरा या नेतृत्व कौन करेगा यह फैसला गठबंधन में सबसे बड़े दल बीजेपी को करना है. बिहार और गठबंधन के हित में जो भी फैसला बीजेपी लेगी, लोक जनशक्ति पार्टी पूरी तरीके से उस फैसले का समर्थन करेगी.’ चिराग पासवान के इस ट्वीट से राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल खड़े हो गए. ये सवाल इसलिए भी खड़े हुए क्योंकि करीब 6 महीने पहले ही अमित शाह ने ये साफ़ कर दिया था कि बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. इसके बावजूद चिराग पासवान के इस ट्वीट ने सवाल और भ्रम दोनों उत्पन्न कर दिए.

चिराग के बयान से मची खलबली को शांत करने भाजपा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को सामने आना पड़ा. सुशील मोदी ने कहा कि ‘अमित शाह और जेपी नड्डा ने दर्जनों बार दोहराया है कि नीतीश कुमार ही एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं. युद्ध के बीच में कमांडर नहीं बदला जाता है. नीतीश कुमार आज से नहीं बल्कि पिछले 15-20 वर्षों से एनडीए के कमांडर है.’

हालाँकि अभी सुशील मोदी के जवाब पर चिराग या फिर लोजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन ये सवाल तो खड़ा हो ही गया कि बिहार चुनाव की रणनीति भाजपा और जेडीयू मिल कर बना रहे हैं और उसमे लोजपा को नज़रअंदाज कर दिया गया. क्योंकि अगर सर्वसम्मति से सब तय होता तो चिराग की तरफ से ये बयान ही नहीं आता.