इस वजह से चुनाव आयोग ने सियासी द’लों के स्टा’र प्रचा’रकों की संख्या घ’टायी

बिहार में विधानसभा चुनावो को लेकर जहाँ एक तरफ सि’यासी हल’चल चालू हो गयी है. वही दूसरी तरफ चुनाव आयोग के सामने कोरोना का’ल में चुनाव कराना सबसे बड़ी चुनौ’ती बना हुआ है. दरअसल जहाँ एक तरफ बिहार में विधानसभा चुनाव होने है वही कई राज्यों में उपचु’नाव होने है. ऐसे में चुनाव प्र’चार में ज्यादा लोगो को एक’त्र किये जाने एक बड़ी चुनौ’ती बना हुआ है.

दरअसल प्रचा’र में बड़ी संख्या में लोगों के ए’कत्र होने की सं’भाव’ना है. इसी को लेकर अब चुनाव आयोग ने सभी मा’न्यता प्रा’प्त राष्ट्री’य और क्षे’त्रीय द’लों के लिए ‘स्टार प्रचा’रकों’ की संख्या 40 से घटा’कर 30 कर दी है. इतना ही नहीं महा’मारी के दौर में गै’र मा’न्यता प्रा’प्त क्षेत्री’य द’लों के लिए स्टार प्रचार’कों की संख्या 20 से कम करके 15 कर दी गई है और चुनाव आयोग ने अपने पात्र में लिखा है कि  कि चुनाव के संबं’धित चर’ण की अधि’सूचना जारी होने के 10 दिन के भीतर पार्टियां अपने स्टार प्रचा’रकों की सूची सौं’प सकती हैं. पहले उन्हें सात दिन का समय मिलता था.

साथ ही ये भी कहा गया है कि आयो’ग ने बुधवार को मु’द्दे पर फिर से च’र्चा की. सभी त’थ्यों और महा’मारी के कार’ण उत्प’न्न परिस्थि’तियों और राजनी’तिक द’लों की ओर से प्र’चार करने की जरुर’तों के सं’तुलन को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने स्टा’र प्रचा’रकों के लिए निय’मों की स’मीक्षा का फै’सला लिया. जाहिर है कोरोना को देखते हुए चुनाव आयोग के द्वारा कई दि’शा निर्दे’श जारी किये गए है ताकि चुनाव के दौरान कोरोना के संक्र’मण का खत’रा कम से कम हो.

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