चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने 27 प्र’त्या’शियों पर लगाया प्र’तिबं’ध, तीन साल तक नहीं ल’ड़ सकते चुनाव

बिहार में विधानसभा चुनावी का आगा’ज हो चूका है. साथ ही चुनाव की तारी’खों का भी ऐला’न हो गया है. है जिसके साथ ही आ’रोप प्रत्या’रोप का सिलसिला भी जारी है. वही बिहार विधानसभा चुनावो को देखत हुए बीजेपी ने भी अपनी क’मर क’स ली है. इतना ही नहीं चुनावो से पहले पीएम मोदी के द्वारा बिहार और बिहार की जनता को कई सौ’गाते दी है. हालंकि को’रोना का’ल में चुनाव आयोग के लिए जहाँ चुनाव कराना एक बड़ी चु’नौती है. वही दूसरी तरफ चुनाव आयोग को और भी कई माम’लों में अपनी स’ख्ती बढ़ा रहा है.

जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग ने चुनाव से पहले राज्य के 27 प्रत्या’शियों के चुनाव में प्र’त्याशी बनने पर प्रति’बंध लगा दिया है. द’र्जन भर विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़नेवाले प्रत्या’शियों ने चुनाव आयोग को अपनी रि’पोर्ट नहीं सौं’पी थी. जिसके बाद मुख्य निर्वा’चन पदाधि’कारी कार्यालय द्वारा इन नेताओं की सूची जारी की गयी है.

जिसमें सीइओ कार्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार अलीनगर विधा’नसभा क्षेत्र से अनंत कुमार, विजय कुमार, खगड़िया से बबीता देवी, कुशेश्वरस्थान से तुरंती सदा, बेनीपुर से ताराकांत झा, बेनीपुर से जितेंद्र पासवान, हायाघाट से मोहम्मद अशरफ और रामसखा पासवान ,पोतपुर से लखींद्र पासवान, परबत्ता से सतीश प्रसाद सिंह, केवटी से अशोक झा, गायघाट से रघुनाथ प्रसाद सिंह, हथुआ से संजय मौर्य और फारुख खान, कुम्हरार से सुबोध कुमार, कुटुंबा से रंजीत कुमार, औरंगाबाद से संजीत चौरसिया, कुढ़नी से सरजीत सुमन, अशरफी सनी, अभय कुमार, पूजा कुमारी और विजय कुमार, भोरे से जानकी देवी, शर्मा देवी, बेलदौर से बिंदु देवी शामिल हैं.

इतना ही नहीं इन लोगो पर अगले तीन सा’ल तक के लिए प्रति’बंध लगा दिया गया है. जिसके मुताबिक ये लोग अगले तीन सा’ल तक चुनाव लड़’ने के यो’ग्य नहीं होंगे. जाहिर है बिहार में चुनाव का मा’हौल बन चुका है. वही चुनाव आ’योग के द्वारा भी तैया’रियां की जा चुकी है.

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