बिहार के इन 7 जिलों में क्या है राजनैतिक समीकरण

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लोकतंत्र का महापर्व चल रहा है………… चुनावी बुखार सब पर्चाधा हुआ है ………… इसी दौरान हम आपको लग अलग राज्यों के चुनावी समीकरण के बारे में बताते है………… आज हम बात करेंगे उस राज्य की जहा की हवाओं में राजनीति है…………UPSC परीक्षा के सफल कैंडिडेट भी वह से आते है और 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा scandle के toppers भी……………. वैसे आपको हिंट तो मिल ही गया होगा वो राज्य है बिहार …………
आज हम बात करेंगे बिहार के उन लोकसभा सीटों के बारे में जहा पर अव तक मतदान नहीं हुए हैं …………….
वो जिलें है दरभंगा, बेगुसराई, मुंगेर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना


सबसे पहले बात करेंगे राजधानी पटना की………… गंगा किनारे बसा ये शहर अपने अंदर काफी कुछ समेटे हुए है………… वैसे इस जिले में 2 लोकसभा सीट है
पहली पाटलिपुत्र और दूसरी पटना साहेब और
पाटलीपुत्र लोकसभा क्षेत्र देश के कुल 543 और बिहार की 40 सीटों में एक है…. यह सीट पटना जिले में पड़ती है…. 2008 तक पटना में सिर्फ एक लोकसभा सीट हुआ करती थी लेकिन परिसीमन के बाद यहां दो सीटें हो गईं-एक पाटलीपुत्र (शहर के प्राचीन नाम पर आधारित) और दूसरी सीट पटना साहिब जहां से सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा चुनाव जीतते रहे हैं…. पाटलीपुत्र में तकरीबन साढ़े 16 लाख मतदाता हैं जिनमें 5 लाख यादव और साढ़े चार लाख भूमिहार हैं….

2008 तक पटना में एक ही संसदीय सीट हुआ करती थी लेकिन उसी साल परिसीमन के बाद यहां दो सीटें बनाई गईं…. इनमें एक है पटना साहिब और दूसरा पाटलीपुत्र…. इसे खास सीट माना जाता है क्योंकि सीने स्टार से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा यही से सांसद हैं…. उन्हीं की तरह एक और फिल्म अभिनेता शेखर सुमन भी कभी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं….
बेगुसराई
बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र बिहार के 40 संसदीय इलाकों में एक है…. बेगूसराय पूर्वी बिहार में पड़ता है…. इस संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं…. 2014 में डॉ…. भोला सिंह बीजेपी के टिकट पर यहां से विजयी हुए थे जिनका इसी साल अक्टूबर में निधन हो गया…. उनसे पहले जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के डॉ…. मोनाजिर हसन सांसद थे…. 2004 में भी जदयू जीती थी और राजीव रंजन सिंह सांसद बने थे….
इस चुनाव में डॉ…. भोला सिंह ने आरजेडी के प्रत्याशी तनवीर हसन को हराया था…. डॉ…. सिंह को 4,28,227 वोट मिले जबकि हसन को 3,69,892 वोट हासिल हुए…. डॉ…. सिंह को 39….72 प्रतिशत और हसन को 34….31 प्रतिशत वोट मिले…. इस इलाके में भाकपा की अच्छी पकड़ है…. 2014 के चुनाव में भाकपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे…. उन्हें 1,92,639 वोट मिले थे…. वोट प्रतिशत की बात करें तो भाकपा को 17….87 प्रतिशत मत हासिल हुए थे…. इस चुनाव में चौथे और पांचवें स्थान पर निर्दलीय रहे…. छठे स्थान पर नोटा रहा जिसके तहत 26,335 वोट पड़े…. कुल वोटों का 2….47 प्रतिशत नोटा के हिस्से में आया…. इस चुनाव में कुल 60….60 प्रतिशत वोटिंग हुई थी जिसमें जेडीयू के वोट बीजेपी के पाले गए थे और बीजेपी के डॉ…. सिंह आसानी से जीत गए थे….

इस चुनाव में जेडीयू के प्रत्याशी डॉ…. मोनाजिर हसन विजयी हुए…. उन्होंने सीपीआई के शत्रुघ्न प्रसाद सिंह को हराया था…. डॉ…. हसन को कुल 2,05,680 वोट मिले थे जबकि शत्रुघ्न प्रसाद सिंह को 1,64,843 वोट मिले…. डॉ…. हसन को 28….64 प्रतिशत और शत्रुघ्न प्रसाद सिंह को 22….95 प्रतिशत वोट मिले…. तीसरे स्थान पर एलजेपी के अनिल चौधरी और चौथे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार अमिता भूषण रहीं…. पांचवें और छठे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार रहे…. इस चुनाव में कुल 48….75 प्रतिशत वोट पड़े थे….
चुनाव आयोग के 2009 के आंकड़ों के मुताबिक इस संसदीय क्षेत्र में कुल 1,473,263 मतदाता हैं जिनमें 687,910 महिला और 785,353 पुरुष मतदाता हैं…. बेगूसराय सिटी में इस जिले का मुख्यालय है…. इस संसदीय क्षेत्र का नाम इसलिए भी मशहूर है क्योंकि हिंदी के प्रख्यात कवि और राष्ट्रकवि से सम्मानित रामधारी सिंह दिनकर का यह जन्मस्थान है…. 2011 की जनगणना के मुताबिक बेगूसराय की कुल आबादी 29,70,541 है….

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार बेगूसराय से संसदीय चुनाव लड़ सकते हैं…. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कन्हैया कुमार आरजेडी और कांग्रेस के समर्थन से जेडीयू-बीजेपी के खिलाफ सीपीआई के टिकट पर अपना भाग्य आजमा सकते हैं…. हालांकि इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है लेकिन कन्हैया कुमार खुद न्यूज एजेंसी पीटीआई को बता चुके हैं कि पार्टी (सीपीआई) अगर उन्हें महागठबंधन की सीट पर चुनाव लड़ाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं…. कन्हैया कुमार यह भी बता चुके हैं कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले चुनाव नहीं लड़ेगी और वह महागठबंधन का हिस्सा होगी…. जानकारों की मानें तो आरजेडी की ओर से लालू यादव ने महागठबंधन पर अपनी हामी भी भर दी है….
डॉ…. भोला सिंह का जन्म 3 जनवरी 1939 को हुआ और निधन 19 अक्टूबर 2018 को…. बीजेपी ज्वॉइन करने से पहले डॉ…. सिंह बिहार में लगभग सभी दलों से जुड़े रहे…. कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्रेस और आरजेडी में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं…. सन् 2000 से 2005 तक वे बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर थे…. बेगूसराय से साल 1967 में निर्दलीय टिकट पर विधायक चुने जाने से पहले वे इतिहास के प्रोफेसर थे…. डॉ…. सिंह ने 60 के दशक में राजनीति शुरू की और 8 बार बेगूसराय से विधायक रहे…. 2009 में उन्होंने नवादा संसदीय सीट पर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था…. बिहार में एनडीए सरकार के दौरान डॉ…. सिंह 2008 में शहरी राज्यमंत्री बनाए गए थे….

बीजेपी सांसद भोला सिंह ने सदन के 67 डिबेट में हिस्सा लिया और 8 प्राइवेट मेंबर बिल पास कराए…. अपने करीब साढ़े चार साल के कार्यकाल में उन्होंने बहस के दौरान 121 सवाल पूछे…. उनकी हाजिरी का ब्योरा उपलब्ध नहीं है….

मुंगेर
बिहार के 40 लोकसभा क्षेत्रों में एक मुंगेर भी है…. चुनाव आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस लोकसभा क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 1,564,604 है जिनमें पुरुष वोटर 849,060 और महिला 715,544 हैं…. फिलहाल यहां की सांसद वीणा देवी हैं…. 2014 के चुनाव में वीणा देवी ने एलजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जेडीयू के प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को हराया…. 2009 के चुनाव में ललन सिंह ने जीत हासिल की थी….

इस संसदीय क्षेत्र में कई वर्षों तक कांग्रेस का दबदबा रहा लेकिन बीते कुछ साल से अलग-अलग पार्टियां जीत रही हैं…. विजयी पार्टियों में कभी आरजेडी, कभी जेडीयू तो कभी एलजेपी का नाम है…. हालांकि आंकड़े देखें तो इस सीट पर असली टक्कर जेडीयू और आरजेडी के बीच चली आ रही है…. 1984 के चुनावों तक कांग्रेस ने अच्छी जीत पाई लेकिन उसके बाद कांग्रेस यहां कभी नहीं लौटी…. 84 के बाद जेडीयू (एक बार जनता दल के टिकट) तीन बार और आरजेडी ने दो बार जीत दर्ज की है जबकि एकबार एलजेपी (2009) विजयी हुई है….
बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह इस सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं…. अगर वे चुनावी मैदान में उतरते हैं तो उनका मुकाबला बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से होगा जो यहां से एलजेपी की सांसद हैं…. अनंत सिंह की इस क्षेत्र में अच्छी पकड़ है, साथ ही वे काफी लोकप्रिय भी हैं…. जानकारों के मुताबिक अनंत सिंह महागठबंधन से टिकट चाहते हैं लेकिन अगर टिकट न मिले तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं…. ऐसी सूरत में मुंगेर में दिलचस्प लड़ाई देखी जा सकती है जहां एक ओर अनंत सिंह तो दूसरी ओर बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी हो सकती हैं….

पूरे बिहार में साक्षरता दर देखें तो मुंगेर इस मामले में काफी आगे है…. यहां साक्षरता दर 73….3 प्रतिशत है…. इसके साथ ही यहां कई चर्चित शैक्षणिक संस्थान भी हैं…. मुंगेर की कुल आबादी 1,359,054 है…. साल 2008 में परिसीमन के बाद इस संसदीय क्षेत्र में कुल छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं…. ये क्षेत्र हैं-मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़, लखीसराय, मोकामा और बाढ़….
पिछले लोकसभा चुनाव में एलजेपी की प्रत्याशी वीणा देवी ने जीत हासिल की…. उन्होंने जेडीयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को हराया…. उस चुनाव में वीणा देवी को 352911 वोट मिले जबकि ललन सिंह को 243827 वोट…. वीणा देवी को 38….6 प्रतिशत और ललन सिंह को 26….67 प्रतिशत वोट हासिल हुए…. यहां तीसरे स्थान पर आरजेडी के प्रगति मेहता रहे जिन्हें 182971 (20….01) वोट मिले…. इस चुनाव में नोटा के तहत 15420 (1….68 प्रतिशत) वोट दर्ज हुए….
42 साल की वीणा देवी अंडर मैट्रिक हैं…. उन्होंने संसद की 24 बहसों में हिस्सा लिया है…. हालाकि एक भी प्राइवेट मेंबर बिल उनके खाते में नहीं है…. 24 बहसों में उन्होंने 164 सवाल पूछे हैं…. संसद में हाजिरी का उनका कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं है….
मुंगरे संसदीय क्षेत्र के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित है…. भारत सरकार ने कुल 17….50 करोड़ रुपए जारी किए…. ब्याज के साथ यह राशि 19….19 करोड़ रुपए हुई…. वीणा देवी ने अपने क्षेत्र के लिए 21….41 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा जिसमें 20….58 करोड़ रुपए पास हुए…. इसमें 14….86 करोड़ रुपए खर्च हुए…. कुल राशि का 84….92 प्रतिशत हिस्सा खर्च हुआ और 4….33 प्रतिशत बचा रह गया….

दरभंगा
बिहार का दरभंगा जिला मिथिला संस्कृति का केंद्र है…. रामायण काल से ही यह राजा जनक तथा उत्तरवर्ती हिंदू राजाओं का शासन प्रदेश रहा है…. मुसलमान शासकों का कब्जा होने पर भी यह हिंदू क्षत्रपों के अधीन रहा और अपनी खास पहचान बनाए रखने में सक्षम रहा…. दरभंगा के उत्तर में मधुबनी, दक्षिण में समस्तीपुर, पूर्व में सहरसा एवं पश्चिम में मुजफ्फरपुर तथा सीतामढ़ी जिला है…. दरभंगा 16वीं शताब्दी में स्थापित दरभंगा राज की राजधानी था….
यह जिला आम और मखाना के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है…. दरभंगा में कमला, बागमती, कोशी, करेह औ‍र अधवारा नदियों से उत्पन्न बाढ़ हर वर्ष लाखों लोगों के लिए तबाही लाती है…. दरभंगा लोकसभा क्षेत्र की कुल आबादी है 1,307,067….
दरभंगा से वर्तमान सांसद हैं पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद…. वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे हैं…. कीर्ति आजाद दरभंगा से बीजेपी के टिकट पर 3 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं…. दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट बोर्ड में घोटाले के आरोप लगाते हुए उन्होंने बीजेपी के सीनियर नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया…. इसके बाद कीर्ति आजाद को बीजेपी से निलंबित कर दिया गया…. अब कीर्ति आजाद कांग्रेस और आरजेडी के करीब हैं और महागठबंधन उम्मीदवार के रूप में 2019 चुनाव में उतरने की पूरी तैयारी में हैं….
लोकसभा चुनाव 1957 में यहां से पीएसपी के अब्दुल जलील जीतकर दिल्ली गए थे…. 1972 में यहां से ललित नारायण मिश्रा चुनाव जीते थे…. मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने पहले जनता दल और बाद में आरजेडी के टिकट पर यहां से 4 बार 1991, 1996, 1998 और 2004 में चुनाव जीता…. 1999 में पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद यहां से मैदान में उतरे और जीतकर लोकसभा की सदस्यता हासिल की…. लेकिन 2004 में आरजेडी के टिकट पर फिर मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने यहां से जनादेश हासिल किया…. इसके बाद 2009 और 2014 के दो चुनावों में कीर्ति आजाद ने भारी अंतर से ये सीट जीती…. दोनों बार उनके सामने आरजेडी के नेता मोहम्मद अली अशरफ फातमी मैदान में थे…. हालांकि अब कीर्ति आजाद बीजेपी से निलंबित हैं….

मधुबनी
मधुबनी बिहार के दरभंगा प्रमंडल का एक प्रमुख शहर एवं जिला है…. दरभंगा और मधुबनी को मिथिला संस्कृति का केंद्र माना जाता है…. मैथिली तथा हिंदी यहां की प्रमुख भाषा है…. विश्वप्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग एवं मखाना के पैदावार की वजह से मधुबनी को विश्वभर में जाना जाता है…. यहां के सांसद हैं बीजेपी के वरिष्ठ नेता हुकुमदेव नारायण यादव…. वे ग्रामीण परिवेश से आने वाले और किसानों के पक्षधर नेता माने जाते हैं…. संसद में वह अपने जोशीले भाषण की वजह से जाने जाते हैं…. मधुबनी से वे चार बार सांसद रहे हैं….
1952 में ये सीट दरभंगा-पूर्व के नाम से जाना जाता था…. पहले चुनाव में यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार अनिरुद्ध सिन्हा जीते…. 1957 के चुनाव में भी अनिरुद्ध सिन्हा जीते…. 1962 के चुनाव में इस सीट से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के योगेंद्र झा सांसद चुने गए…. 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के शिव चंद्र झा सांसद चुने गए…. 1971 में कांग्रेस ने इस सीट से जगन्नाथ मिश्रा को उतारा और वे जीतकर संसद पहुंचे…. बाद में जगन्नाथ मिश्रा बिहार के मुख्यमंत्री भी बने….
1976 में संसदीय सीटों का परिसीमन हुआ और मधुबनी सीट बनी…. जिसमें मधुबनी जिले के पश्चिमी इलाकों को शामिल किया गया…. 1977 में इस सीट से चौधरी हुकुमदेव नारायण यादव जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते…. 1980 में यहां से काग्रेस के सफिकुल्ला अंसारी जीते लेकिन 4 महीने बाद ही उनका निधन हो गया…. मई 1980 में यहां फिर चुनाव हुए…. इस बार सीपीआई के भोगेंद्र झा जीते…. 1984 में यहां से कांग्रेस के मौलाना अब्दुल हन्ना अंसारी जीते…. 1989 और 1991 के चुनाव में इस सीट से सीपीआई के टिकट पर फिर भोगेंद्र झा को जीत हासिल हुई….
ये सीट बिहार में वामपंथ का गढ़ माना जाने लगा…. 1996 में सीपीआई के चतुरानन मिश्र जीते…. लेकिन 1998 के चुनाव में कांग्रेस के शकील अहमद के हाथ चुनावी जीत लगी…. 1999 के चुनाव में यहां से बीजेपी के हुकुमदेव नारायण यादव फिर चुनाव जीते…. जबकि 2004 के चुनावी समर में कांग्रेस के शकील अहमद के हाथ सफलता लगी…. 2009 में मधुबनी सीट कड़े मुकाबले का गवाह बनी…. यहां से बीजेपी के हुकुमदेव नारायण यादव चुनाव जीतकर फिर संसद पहुंचे…. 2014 में मोदी लहर वाले चुनाव में भी हुकुमदेव नारायण यादव के हाथ जीत लगी….

मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर उत्तरी बिहार के तिरहुत प्रमंडल का मुख्यालय तथा मुजफ्फरपुर जिले का प्रमुख शहर है…. अपने शाही लीची के लिए यह जिला पूरी दुनिया में जाना जाता है…. साहित्यकार देवकी नंदन खत्री, रामबृक्ष बेनीपुरी, जानकी वल्लभ शास्त्री और क्रांतिकारी खुदीराम बोस की यह स्थली रही है…. जार्ज फर्नान्डिस और कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद जैसे नेताओं ने मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है…. यहां के वर्तमान सांसद हैं जयनारायण निषाद के पुत्र और बीजेपी नेता अजय निषाद….
2017 में मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के लिए चयनित हुआ…. यह जिला ऐतिहासिक रूप से भी काफी समृद्ध है…. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म वैशाली के निकट बसोकुंड में लिच्छवी कुल में हुआ था…. यह स्थान जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र है….
मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट पर 1952 से 1971 तक कांग्रेस जीती…. 1977, 1980 में जनता पार्टी की जीत हुई…. 1989, 1991, 1996 में जनता दल ने जीत हासिल की…. 1998 में आरजेडी की जीत हुई और 1999, 2004, 2009 में जेडीयू जीती…. 2009 में जेडीयू के जयनारायण प्रसाद निषाद सांसद बने…. इस सीट से 5 बार जीतकर जॉर्ज फर्नान्डिस लोकसभा गए जबकि कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद 4 बार इस सीट से जीते….
जॉर्ज फर्नान्डिस श्रमिक संगठन के नेता तथा पत्रकार थे…. वे मुजफ्फरपुर से 5 बार सांसद रहे…. उन्होंने समता पार्टी की स्थापना की…. वे केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रक्षामंत्री, संचार मंत्री, उद्योग मंत्री, रेल मंत्री आदि के रूप में कार्य कर चुके हैं…. 1977 में आपातकाल हटा दिए जाने के बाद जॉर्ज फर्नान्डिस ने मुजफ्फरपुर सीट जीती…. जनता पार्टी सरकार के अलावा वे अटल सरकार में भी मंत्री रहे…. साथ ही एनडीए के संयोजक भी रहे….

ये थी एक झलक बिहार के सियासी समीकरण की ……………. हम आपको चुनावी चौपाल के अगले भाग में बिहार के और जिलों के बारे में बताएँगे………..