अयोध्या में नहीं मिली मस्जिद तो मुस्लिम पक्ष ने मांगी अपनी ये चीज़

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राम मंदिर के निर्माण पर लंबे अरसे से चले आ रहे अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दू समुदाय पक्ष में फैसला सुनाया था.जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा हार जाने के बाद अब मु’स्लिम पक्ष ने बाबरी मस्जिद के मलबे और नींव पर अपना अधिकार जताया है. जिस पर हिन्दू पक्ष ने भी अपनी सहमति दी है.

बता दें बा’बरी म’स्जिद को 6 दिसम्बर 1990  को गिरा दिया गया था. जिसके बाद अ’योध्या मामले ने बड़े वि’वाद का रूप ले लिया था. जिस पर 9 नवम्बर 2019 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. वहीं अब मु’स्लिम पक्ष ने बा’बरी म’स्जिद के मलबे को अपने पक्ष में लेने की बात की है.

वहीं रामलला के पक्षकार त्रिलोकी नाथ पांडेय ने कहा कि’ वे मलबे को ले जा सकते है क्योंकि यह उनका है. हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है.यह भाईचारे और सांप्र’दायिक सौ’हार्द का प्रतीक होगा’. जिस पर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महा सचिव खालिक अहमद खान ने कहा कि’ हम बा’बरी म’स्जिद के मलबे और नींव पर दावा करेंगे क्योंकि म’स्जिद का ढांचा मु’स्लिमों का है’. इसके अलावा खान ने अपने बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वीकार किया है, कि 300 साल से मु’स्लिमों ने  म’स्जिद के अन्दर नमाज अदा की है.

जब खान से पूछा गया कि क्या वो मलबे को सुप्रीम कोर्ट कि तरफ से दी जाने वाली ज़मीन पर ले जायेंगे तो मु’स्लिम पक्ष ने कहा कि ‘ हम  म’स्जिद के बदले कोर्ट से कोई ज़मीन नहीं लेंगे. इसका फैसला ऑल इंडिया मु’स्लिम प’र्सनल लॉ कि बैठक में लिया जायेगा. बता दें सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 2.77 एकड़ कि वि’वादित भूमि का फैसला हिन्दू समुदाय पक्ष में सुनाया था . जिसमें से 5 एकड़ की वै’कल्पिक ज़मीन मुस्लिम पक्ष को देने के आदेश दिए थे. उसी के साथ शीर्ष अदालत ने भी केन्द्रीय सरकार को राम मंदिर के निर्माण के किये तीन महीने के अन्दर एक ट्रस्ट के निर्माण का आदेश दिया है.