प्रधानमंत्री मोदी के इंटरव्यू से जुडी कुछ ख़ास बातें

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हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के एक बड़े मीडिया संस्थान को इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने उन सभी सवालों के जवाब दिए हैं जो आम जनता के मन में थे और आप के भी मन में भी थे… आइये हम आपको बताते है प्रधानमंत्री मोदी के इस इंटरव्यू से जुडी कुछ ख़ास बातें..

सबसे पहला सवाल नरेन्द्र मोदी से पूछा गया था कि आपके विरोधी आपकी विदाई की बात कर रहे हैं तो क्या आपने अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है?

जवाब : इस प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विरोधी लोग क्या सोच रहे हैं ये मुझे नही पता लेकिन जहाँ तक चुनाव का सवाल हैं चुनाव का तो मैं पूरे देश का भ्रमण कर चूका हूँ. पांच साल तक दफ्तर में कैद नही रहा हूँ. मेरी कार्यशैली ही ऐसे ही है .शायद ही कोई सन्डे या सैटरडे होगा जब मैं जनता के बीच नही गया.. मैंने यह अनुभव किया है कि जनता एक निर्णायक और मज़बूत सरकार चाहती हैं, मैंने लाभार्थियों से बातचीत की हैं और इस अनुभव के आधार पर मुझे पक्का विश्वास हैं कि देश की जनता ने 2014 की अपेक्षा इस बार ज्यादा सीट देने का मन बना लिया है. जहां तक बोरिया बिस्तर का सवाल है तो मैं हर चीज के लिए तैयार हूँ. जो लोग मुझे जानते हैं उनके पता है कि मेरी जिंदगी एक झोले में होती है. उनको ख्वाब का मजा लेने दीजिए. अगर आपने कहा कि मोदी जी ने कहा कि वो अगले पांच साल रहने वाले हैं तो उनकी नींद डिस्टर्ब हो जाएगी.

अगला सवाल था कि अगर आप जीत गये तो आप पर आरोप EVM वाला लगाया जाएगा कि EVM में सेटिंग थी.

. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसकी तयारी अभी से चल रही हैं ये वैसा ही है कि जब कोई खिलाड़ी आउट हो जाता है तो अम्पायर की तरफ देखकर बल्ला पटकता है और वो ये दिखाने की कोशिश करता है कि वो सही था अम्पायर गलत था.. सवाल – आपको और ममता बनर्जी को, आपको और राहुल गांधी को एक ही बेंच मार्क पर तौला जाता है क्या ऐसा नही लगता है कि आपके साथ नाइंसाफी की जाती है मेरी जिन्दगी में रॉंग साइड पार्किंग और रॉंग साइड ड्राइविंग का भी कोई गुनाह नही हुआ है. मैं इस तरह से जीता हूँ …… अनजाने में हो गया तो मुझे मालुम नही है.. मेरी ऊपर कोई fir नही है. 2014 में जब मैं वोट देने गया अहमदाबाद में तब इलेक्शन कमीशन ने मीटिंग कर केस किया था. तब जब मैं प्रधानमंत्री का उम्मीदवार था..

सवाल- इस बार के चुनाव में कोई मुद्दा ही नही है और जो मुद्दा है वो है सिर्फ मोदी.. और आप विपक्ष के लिए इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गये?

जवाब : मतदाता को समझ है कि कौन काम करता है. कौन खजाने का सदुपयोग करता है औऱ कौन अपने समय का उपयोग लोगों के लिए करता है. बहुत अरसे बाद कहा जा रहा है कि देश में प्रधानमंत्री भी होता है. मुझे ख़ुशी होती अगर देश का विपक्ष एक होता.. कन्फ्यूजन के अलावा कुछ भी नही है मतदाताओं को कन्फ्यूज किया है. मोदी नाम के वेव् से उन्हें बचना है तो हाथ पकड़ना है लेकिन स्वभाव से वे एक दुसरे के विरोधी हैं हर कोई एक दुसरे को गिराना चाहता है इसलिए वे एक नही हो पा रहे हैं.. कुछ दिन पहले कांग्रेस और सपा ने समझौता किया वहीं कांग्रेस आज वोटकटवा बन गयी है. दिल्ली का भी यही हाल था..

प्रधानमंत्री मोदी और ममता बनर्जी के बीच काफी समय से भाषण वार चल रहा है तो सवाल था कि ममता बनर्जी से आपकी क्या समस्या है?

जवाब : इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अच्छा होगा कि आप ममता बनर्जी ने जिन जिन लोगों के साथ काम किया है उनका हिसाब लगा लीजिये ममता बनर्जी ममता बनर्जी हैं… भारत का संविधान ये अनुमति देता है कि क्या प्रधानमंत्री को प्रधानमन्त्री मामने से इंकार कर देंगी?… पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आपको प्रधानमंत्री नजर आता है.. किसी राज्य के मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर उरने का अनुमति तक नही देती… मेरी कल सभाएं हैं कल शाम तक मेरी सभा की परमिशन नही दी गयी… इलेक्शन कमीशन के सामने जाकर प्रदर्शन करना पड़ा तब जाकर परमिशन मिली है.. जहाँ भी हमारी पब्लिक मीटिंग होती हैं उसके २०० मीटर के आस पास में माइक वाले, टेंट वाले और सामान वालों को अफसर जाकर परेशान करते हैं. मुझे दिक्कत ममता या टीएमसी से नही हैं.. मुझे चिंता बंगाल की है.. बंगाल की बर्बादी देश के लिए बड़ा खतरा है. देश के संविधान के लिए खतरा है ऐसी सोच…

चार चरण के मतदान के बाद आपने राजीव गांधी का जिक्र कर दिए… जिसके बाद कांग्रेस इमोशनल हो गयी.. आहात हो गयी. आपने भ्रष्टाचारी नंबर वन कह दिया...

जवाब : मैंने ये मेरी सभा में बोला है.. जब नामदार ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ये उनकी सोची समझी साजिश है कि प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल कर देंगे. और इसी झूठ का सहारा लेकर खेल खेला है तो मैंने पब्लिक मीटिंग में कहा कि इस स्तर की राजनीति?. मेरी छ्वि धूमिल करने के लिए इस तरह का षड्यंत्र की है.. मैं 45 साल तक ताप करने निकला हूँ.. मेरी छवि किसी ने बनायी नही है.. दरबारियों ने एक प्रधानमंत्री को मिस्टर क्लीन की छवि बना दी थी लेकिन अपने कर्मों से जब विदाई हुई तो टैग लगा था बोफोर्स घोटाले का…मैंने जानकारी दी मैंने कोई खराब शब्द नही बोला.. वे प्रधानमंत्री थे उनके कालखंड की चर्चा नही होगी क्या?, इंदिरा गाँधी के बारे में बात होगी तो क्या इमरजेंसी की चर्चा नही होगी. जेल में लोगो को डाल दिया उसकी चर्चा नही होगी …मान सम्मान की बातें आप करते हैं नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे तो आपने क्या किया था उनके साथ उनकी डेड बॉडी तक नही आने दी थी कार्यालय में.. मान सम्मान की बातें आपको शोभा नही देती मैंने सिर्फ मुद्दा उठाया है अपशब्द नही कहा कोई आरोप नही लगाया है.. जिस नाम से आप वोट मांगते हैं उससे जुडी बातों पर भी आपको जवाब देना होगा… आप अमेठी के लिए इमोशनल रोना धोना कर प्रभावित करके ढोंग करो येनही चलेगा.. मैंने कहा कि अगर लड़ना है तो भोपाल, दिल्ली और पंजाब में उनके मान सम्मान पर चुनाव लड़ो. भोपाल में गैस कांड का मुद्दा निकलेगा,, शाहबानों पर जवाब देना पड़ेगा.. आपको बोफोर्स पर जवाब देना पड़ेगा.. आपको सिख दंगे पर जवाब देना होगा.. अगर आप उनके नाम पर वोट मांगते हो तो आप जवाब देना पड़ेगा.. मेरे पिता पर सवाल खड़े करते हो वो अलग बात हैं वो सार्वजिनक जीवन में नही थे.

अगला सवाल पूछा गया था कि आपको कुछ लोग इतनी गालियाँ देते हैं आप सहन कैसे करते हैं.. लेकिन क्या इस पर का दर्द होता है मैं भी इंसान हूँ दर्द मुझे भी होता है मेरी कुछ जिम्मेदारियां है इसलिये पी लेता हूँ.. 20 साल से पी रहा हूँ. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने फैसलों के बारे में बताया कि वो सबसे मिल जुलकर बैठकर करके ही फैसला लेते हैं.. नोट बंदी पर बात की कि मंत्रियों को भी नही पता था कि क्या होने वाला है पर ये जरूर पता था कि मोदी कुछ बड़ा करने वाला है.. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस चुनाव में भी एनडीए की वापसी हो रही हैं, और पिछली बार की अपेक्षा इस बार अधिक सीटों से जीत हासिल होगी.