जैश-ऐ-मोहम्मद के पकड़े गए आतंकियों का बड़ा खुलासा

371

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में जवाबी एयर स्ट्राइक की थी. इसके बाद पाकिस्तान सहम गया था और शांति कि बातें करने लगा था. यहाँ तक कि इमरान खान ने खुद कई बार शांति कि अपील वीडियो के ज़रिये की थी. और इसके बाद तो आप सब जानते हैं कि कैसे पाकिस्तान कि संसद ने एक रेसोलुशन पारित किया जिसमें इमरान खान को नोबेल पीस पुरस्कार को देने कि मांग की गयी. ये वाकई हास्यास्पद बात थी.

लेकिन नोबेल पीस पुरस्कार तो छोड़िये, इमरान खान अब पूरे विश्व में अलग थलग पढ़ते दिख रहे हैं. 2014 से 2017 के बीच जैश-ऐ-मोहम्मद के चार आतंकियों को कश्मीर में गिरफ्तार किया था. उनसे की गयी पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. इन खुलासों से पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा झटका लगना भी तय है.

इन आतंकियों ने खुलासा किया है कि उन सभी कि ट्रेनिंग उसी बालाकोट के ट्रेनिंग कैंप में हुई थी जहाँ भारत ने पुलामा आतंकी हमले के बाद एयर स्ट्राइक की थी. पकड़े गए चार आतंकियों ने बताया कि बालाकोट में ट्रेनिंग के बाद या तो उन्हें अफगानिस्तान भेज दिया जाता था या फिर कश्मीर.

अधिकारियों का कहना है कि, वकास मंसूर, जो खायिबर पख्तुनक्वा का रहने वाला है और जिसे सुरक्षा एजेंसीज ने 2014 में गिरफ्तार किया था, उसने बताया है कि उसके साथ करीब 100 लोगों ने बालाकोट कैंप में ट्रेनिंग ली थी. जिनमें से 40 आतंकियों को कश्मीर और 60 आतंकियों को अफगानिस्तान भेज दिया गया था.

इन सभी डिटेल्स को भारत सरकार ने पाकिस्तान को सौंपे जाने वाले दोस्सिएर्स यानि सबूतों में शामिल कर लिया है. पूछताछ के दौरान ये भी सामने आया कि जैश आतंकी कई तरह कि ट्रेनिंग हासिल करके किसी घटना को अंजाम देते हैं. आतंकियों कि ट्रेनिंग तीन महीने चलती है जिसमें उन्हें एडवांस्ड कॉम्बैट कोर्स जिसे दौरा-ए-खास कहा जाता है और एडवांस्ड आर्म्स ट्रेनिंग जिसे दौरा-अल-राद कहा जाता है. हलाकि इतनी ट्रेनिंग के बाद भी भारतीय एजेंसीज के हाथों ये आतंकी मारे ही जाते हैं.
इसके अलावा पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि हर आतंकी जो कश्मीर भेजा जाता है उसे एक कोड नाम भी दिया जाता है. अब्दुल रहमान मुघल नाम के आतंकी को रोमियो कोड नाम दिया गया था. लेकिन रोमियो को भी भारत के सुरक्षा बालों ने गिरफ्तार कर लिया था. आतंकी ये भी बताते हैं कि फिदायीन हमले करने के लिए आतंकी को लिखित में देना होता है कि वो इस सुसाईड के लिए तैयार है. इससे पता चलता है कि सभी आतंकी कितने कट्टर होते हैं.

एक और आतंकी, जो कि पाकिस्तान का ही नागरिक है, उसने पूछताछ में ये बताया कि बालाकोट कैंप में करीब 80 आतंकी ट्रेनर्स थे. ये सभी खुलासों को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसके बाद भारत को आसानी होगी की पाकिस्तान को विश्व में अलग थलग कर सके. साथ ही इन सब खुलासों से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि बालाकोट में जैश-ऐ-मोहम्मद को काफी बड़ा नुकसान हुआ है भारत कि एयर स्ट्राइक के बाद. पाकिस्तान को एक आतंक का गढ़ माना जाता रहा है. हलाकि पाकिस्तान ने कभी नहीं कबूला है कि उसके ज़मीन पर आतंकवादी संगठन एक्टिव हैं. इतने सारे खुलासों के बाद अब देखना ये होगा कि पाकिस्तान अपना डिफेन्स कैसे करता है क्योंकि इन सबूतों से पाकिस्तान कि कलई खुल गयी है और पाकिस्तान पूरी तरह एक्स्पोस हो गया है.