जम्मू-कश्मीर से लाए गए 30 उपद्रवियों को वाराणसी सेंट्रल जेल में किया गया शिफ्ट

1218

अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद आ’तंकियों व अल’गाववादियों को छुड़ाने के लिए आ’तंकी हमला कर सकते हैं. इसलिए जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद आ’तंकियों को देश की विभिन्न जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है. सेना व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सोमवार को जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद 30 आ’तंकियों और अल’गाववादियों को वायुसेना के विशेष विमान से सोमवार शाम 6.30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया। सभी आ’तंकियों और अल’गाववादियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा जाएगा.

आ’तंकियों को लाए जाने से पहले भारी संख्या में हवाई अड्डे पर पुलिस कर्मियों को तैनात भी किया गया था. सीआइएसएफ और सीआरपीएफ ने पूरे एयरपोर्ट परिसर में घेराबंदी कर रखी थी. आ’तंकियों को सौंपने की औपचारिकताएं आधे घंटे में पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षा दस्‍तों के घेरे में वज्र वाहन से सेंट्रल जेल ले जाया गया. आ’तंकियों की सुरक्षा के लिए इतना ध्यान रखा गया था कि जहाँ से वज्र वाहन को गुजरना था वहां यातायात को भी थोड़ी देर के लिए रोक दिया था. आ’तंकियों के आने से पहले ही डीएम सुरेन्द्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी भी मोके पर पहुंचे थे. अभी फिलहाल,सभी आ’तंकियों और अल’गाववादियों को ख़ास सुरक्षा वाली बैरक में रखा गया है. इससे पहले जम्मू कश्मीर के बाकी कैदियों को आगरा, प्रयागराज, बरेली और लखनऊ की जेलों में शिफ्ट किया जा चुका है.

जबसे योगी सरकार आई है तब से उत्तर प्रदेश के अपराधियों के मन में एक खौफ पैदा हो गया है और आ’तंकियों को उत्तरप्रदेश में लाने की भी ये वजह बताई जा रही है ताकि उनके मन में भी खैफ रहे. लोगों ने इस खबर को पढ़ने के बाद आ’तंकियों का सोशल मीडिया पर काफी मजाक भी बनाया. एक यूजर ने प्रतिक्रिया दी कि, बाड़मेर-जैसलमेर के रिमोट इलाके जहाँ साल के लगभग 8 महीने 50℃ तापमान रहता है और पानी की परमानेंट किल्लत रहती है. वहां एक भव्य केंद्रीय कारागृह का निर्माण होना चाहिए और इन 370 विरोधी गैंग और अलगावादियों को वही डालना चाहिए. एक ने बोला कि,अगर ये आतंकी ने यहाँ (उत्तर प्रदेश) कुछ करने की कोशिश की तो फिर योगी उन्हें सीधा जहन्नुम में पहुंचा देंगे.

हालांकि लोगों के मन में सवाल ये भी है कि आखिर इन आ’तंकियों और अल’गाववादियों को उत्तर प्रदेश में ही क्यों लाया गया. क्या ये कदम योगी सरकार के आने के बाद से अपराधों के घटते हुए आंकडों को देखते हुए उठाया गया है या अमित शाह को योगी पर इतना भरोसा है कि उन्हें यहाँ भेजा गया और शायद उन्हें ये लगता है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ही इन आ’तंकियों को काबू में रख सकती है.