EVM हैकिंग का ढिंढोरा पीटने वाले कांग्रेस की ऐसे बोलती हुई बंद!

368

EVM हैकिंग का दावा करने सैयद शुजा की खुल गयी पोल!

पिछले कुछ दिनों से EVM को लेकर तमाम प्रकार के दावे और आरोप का दौर शुरू हो चूका है. सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट ने कई सनसनीखेज दावे किए थे, जिसमें यह भी दावा किया था कि 2014 में उसने बीजेपी को जीत दिलाने के लिए EVM हैक किया था और बीजेपी के नेता गोपीनाथ मुंडे का एक्सीडेंट नही बल्कि उनकी ह्त्या की गयी थी.


लेकिन अब इस अमेरिक सायबर हैकर के दावे की धज्जियाँ उड़ गयी है. चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस से इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए कहा है. वहीँ EVM बनाने वाली कम्पनी ईसीआईएल ने बयान जारी करते हुए कहा है कि ‘कपंनी ने अपने रिकॉर्ड चेक कर ली है और ये पता चला है कि सैय्यद शुज़ा न कभी ईसीआईएल का कर्मचारी था और न ही वो 2009 से 2014 के बीच ईवीएम की डिज़ाइनिंग और प्रोडक्शन टीम का हिस्सा था.’
अमेरिका में आयोजित कार्यक्रम ईवीएम हैकेथॉन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हैकर सैयद शूजा ने ये दावे किये हैं. इस कार्यक्रम का आयोजन आशीष रे ने करवाया था. आशीष रे कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद के दोस्त हैं और हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि सलमान खुर्शीद खुद इस कार्यक्रम में मौजूद थे.


हालाँकि यहाँ आपको समझने वाली बात तो यह है कि जो बात कांग्रेस के नेता हार मिलने पर चिल्लाते आ रहे हैं वहीँ इस हैकर ने भी किया लेकिन कोई सबूत सामने नही रख सका… वहीँ ईसीआईएल और चुनाव आयोग ने सैयद शूजा के दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. चुनाव आयोग अब इसके दावे के खिलाफ कदम उठाने के बारे में भी सोच रहा है. वहीँ इस हैकर ने यह कहकर राजनीतिक हलचल मचा दी कि evm की ही वजह से बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे और पत्रकार गौरी लंकेश की ह्त्या हुई है. हालाँकि इस हैकर के पास कहने के लिए सिर्फ दावे हैं लेकिन सबूत एक भी नही..वहीँ सेना से सबूत मांगने वाले लोग अब इस दावे की सबूत मांगने के लिए सामने नही आ रहे हैं.
शूजा ने अगला दावा किया है कि वो हैदराबाद के शादान कालेज से पढाई की है लेकिन कालेज ने खुद सामने आकार इस दावे को नकार दिया है.
वहीँ फॉरिन प्रेस एसोसिएशन (एफपीए) ने भी खुद को शूजा के दावे से अलग कर लिया…एफपीए ने ट्वीट कर अपने आपको इस आयोजन से दूर बताया है.
कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं को जब पूरे देश में हार का समाना करना पडा तब विपक्ष ने EVM पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया. हार मिलने पर EVM पर सवाल खड़ा करना और जीत जाने पर कुछ ना बोलना ही दिखाता है कि विपक्ष EVM पर ऊँगली क्यों उठाता रहा है क्योंकि शायद उनके पास हार स्वीकार करने की शक्ति ही नही है. लोगों के सामने कुछ ना कुछ बहाना तो रखना ही नही है तो मिला गया…..EVM


वहीँ अब लोकसभा चुनाव होने ही वाले हैं और विपक्ष अभी से ही EVM को बड़ा मुद्दा बनाने के बारे में सोच रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने एक बयान में कहा है कि विपक्ष अब EVM का रोना रोना शुरू कर दिया है. तीन राज्यों में मिली जीत के बाद किसी विपक्ष के नेता ने EVM पर ऊँगली नही उठायी. हालाँकि क्या सही है और क्या गलत यह सोचना पूरी तरह आप पर निर्भर करता है.