क्या सच में भूपेन हजारिका के परिवार ने की भारत रत्न न स्वीकार करने की बात

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25 जनवरी को भारत सरकार द्वारा यह घोषणा की गई थी कि डॉ हज़ारिका, प्रणब मुखर्जी और नानाजी देशमुख को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा..पर पिछले दिनों कई मीडिया हाउस ने ये ख़बर उड़ाई कि डॉ भूपेन हजारिका के परिवार और उनके बेटे तेज हज़ारिका ने ,भारत रत्न लेने से इंकार कर दिया है .. और कारण बताया जा रहा कि नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में तेज ने ये सम्मान लेने से इनकार किया है…जिसे भारत सरकार ने पिछले महीने भूपेन हज़ारिका को देने का फैसला लिया था… पर पुरस्कार लौटाने के इस ख़बर के कुछ ही समय बाद जब तेज हजारिका की ओर से जारी बयान सामने आया तेज ने साफ़ रूप से कहा कि पुरस्कार को स्वीकार करने या मना करने का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि उन्हें सरकार से ऐसा कोई निमंत्रण नहीं मिला है… जिससे यह तो साफ़ हो गया कि पुरुस्कार ना लेने की खबर जो मीडिया से आ रही यह ख़बर फर्जी थी… उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सफाई देनी पड़ रही है क्योंकि उन्हें इस संबंध में लगातार मीडिया से सवाल पूछे जा रहे हैं…

हालाँकि, तेज हजारिका ने अपने बयान में नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ लिखा है कि उनके पिता का नाम एक बिल पास करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है… लेकिन उन्होंने अपने बयान में हजारिका परिवार द्वारा भारत रत्न पुरस्कार लेने से इनकार करने का जिक्र अपने फेसबुक पोस्ट में नहीं किया है… पुरस्कार वापसी वाली बात का आविष्कार मेन स्ट्रीम मीडिया द्वारा किया गया… लेकिन जब भारत सरकार द्वारा डॉ भूपेन हजारिका के नाम की घोषणा भारत रत्न के लिए की गई थी, तब तेज हजारिका ने इस कदम का स्वागत किया था.. उन्होंने कहा था कि उनके पिता को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय मानवता, विविधता और देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र की जीत है.

उस समय, उन्होंने इसे नागरिकता संशोधन विधेयक के साथ नहीं जोड़ा था…हालाँकि, इस बिल का राज्य में विरोध हो रहा है, लेकिन बिल का विरोध करने वाले अधिकांश लोगों ने इसे भारत रत्न से नहीं जोड़ा था, ऐसा केवल विपक्षी पार्टियों के कुछ नेताओं ने करने की कोशिश की थी… जिसके लिए उन पार्टियों को आलोचना का सामना भी करना पड़ा था…इस पर भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका और भाभी मनीषा हजारिका ने कहा कि तेज हजारिका के विचार उनके अपने हैं… और वे पूरे परिवार के विचार नहीं हैं… डॉ भूपेन हजारिका के परिवार के सदस्यों ने कहा है कि वे तेज हजारिका की टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं.. और इस बात पर जोर दिया कि भूपेन हजारिका भारत रत्न के हकदार हैं.. और भूपेन हजारिका को दिए गए इस पुरस्कार को किसी विवाद में नहीं घसीटना चाहिए…

वैसे आपको ये भी बता दे ..कि डॉ हजारिका के लिए भारत रत्न की मांग लंबे समय से की जा रही थी…यहाँ तक राज्य सरकार ने उनकी मृत्यु के तुरंत बाद केंद्र सरकार के सामने ये प्रस्ताव रखा भी था…. लेकिन उस समय की यूपीए सरकार ने भूपेन हजारिका को यह सम्मान देने से इनकार कर दिया था.. यही नहीं भूपेन हजारिका कॉन्ग्रेस के ख़िलाफ़ भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़े थे…. डॉ हजारिका को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले को देर से लिया गया लेकिन स्वागत योग्य फ़ैसले के रूप में देखा जाना चाहिए…