इस आईपीएस अधिकारी ने किया ममता बनर्जी के बारे में बड़ा खुलासा!पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर तानाशाही के कई बड़े आरोप लग चुके हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कानून को ताक पर रखकर प्रशासन के जरिये राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम कर रही है। चाहे बीजेपी कार्यकर्ताओँ की हत्या पर ममता की चुप्पी हो या फिर बीजेपी नेताओं को रैली ना करने देने का आरोप,कहीं ना कही ये सब इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। इन सबके परे पश्चिम बंगाल की एक ऐसी महिला आईपीएस का वीडियो सामने आया है जिसने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तानाशाही में काम ना करने का निर्णय लिया और फिर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


आइये आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।

Bharati Ghosh .File photo.


दरअसल होनहार आईपीएस अधिकारी भारती घोष ने कुछ ही महीने पहले दिए इंटरव्यू में ममता बनर्जी और उनके अधिकारीयों में बारें में जो खुलासे किये हैं उसे जानने के बाद आप पूरी कहानी समझ जायेंगे! भारती घोष कहती हैं कि मेरा ट्रान्सफर कर दिया गया.तुमने हमारी नही सुनी, अगर सुनती तो बीजेपी का वोट नही बढ़ता. इसलिए तुम्हारा ट्रान्सफर किया जा रहा है. तुम भागी ..यहाँ जाओ…मैंने कहा मैं ऐसा काम नही करती..इतने सालों से सम्मान से काम किया…आपकी बात मुझे नही सुनना है और आपकी नौकरी मुझे नही करना है. भारती घोष बताती है कि 2014 इलेक्शन में बीजेपी का वोट नही बढ़ता है…अगर वहां गुंडागर्दी होती…अगर वहां मारपीट होती..अगर वहां मर्डर होता… लेकिन मैंने ये सब होने नही दिया…इसलिए एक इमानदारी से वोटिंग हुई और एक पार्टी मतलब बीजेपी को फायदा हुआ जो सरकार यानी ममता बनर्जी को अच्छा नही लगा. इसके बाद उस समय के डीजीपी ने मुझे फोन किया और गुस्स्से से बात किया और कहा कि तुमने ऐसा क्यों किया…तुमने गलत किया है..तुम अगर सरकार की सुनते तो तुम्हे आज ये सब नही सुनना पड़ता…अब तुम्हे पनिस्मेंट पोस्टिंग मिलेगा…


भारती कहती है क्या सुनती.. क्या सुनती..क्या डीजीपी का जो पोस्ट था अगर उसे अपनी पोस्ट की इज्जत होती तो मुझे ये सब नही बोलता. इसके बाद मैंने सोचा मैं इस तरह के माहौल में काम नही कर सकती तो मैंने इससे खुद को अलग कर लिया और इस्तीफ़ा दे दिया. इसके पीछे सिर्फ एक कारण था कि मैंने इमानदारी से चुनाव होने दिया. सरकार की कठपुतली नही बनी. मुझसे जवाब माँगा गया. मुझे गुस्सा दिखाया गया और मैंने इस्तीफा दे दिया.

अब यहाँ आपको समझना जरुरी है कि अक्सर डीजीपी मुख्यमंत्री के इशारे पर ही काम करते हैं. इन सबके बाद अब भारती घोष को झूठे केस में फंसाया जा रहा है. उनके घर झापे डाले जा रहे हैं…परिवार को परेशान किया जा रहा है…ये सब हो रहा है पशिचम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज में, जहां बीजेपी के कार्यकर्ता मारे जा रहे है. बीजेपी नेताओं के हेलीकाप्टर को उतरने का आदेश नही मिल रहा है…भारती घोष जैसे ना जाने कितने इमानदार अधिकारी ममता सरकार में इस तरह से दबाए जा रहे होंगे!
इन सबके बाद भी ममता बनर्जी डरी हुई क्यों दिख रही है? ममता बनर्जी रैली आयोजित कर देश के विपक्षी नेताओं को अपने मचं पर बुलने को क्यों मजबूर हुई हैं? अब 2019में फिर से लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. प्रधानमंत्री मोदी 2 फ़रवरी को पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में रैली को संबोधित करने पहुंचे थे जहाँ भीड़ इतनी अधिक संख्या में पहुंची थी कि पीएम मोदी को अपना भाषण मात्र 14 मिनट में खत्म करना पड़ा. अभी हमने आपको जो भी घटनाएँ बतायी हैं उसे देखकर सोचिये कि बदलाव की आंधी किस तरफ बह रही है.