नानाजी देशमुख,भूपेन हजारिका और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्ना

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आज पूरे देश मे गणतंत्र दिवस धूमधाम से बनाया जा रहा है .आज स्कूल कॉलेज में दिन होता है झण्डारोहण का और बूंदी वाले लड्डू बँटने का तो राजधानी दिल्ली में ये दिन होता है हमारी सेनाओं के शक्ति और पराक्रम के नुमाईश का… आज हम दुनिया को दिखाते है कि एक गणतंत्र के रूप में हम कितने मजबूत हुए है… और दुनिया की ताकतवर देशों की लिस्ट में हम कहाँ खड़े है…
और आज के ये दिन होता है, हमारे देश की विशिष्ट सेवा करने वाले लोगो को सम्मानित करने का आज देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न, उसके बाद पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पदम् श्री से देश की कला, विज्ञान, साहित्य, समाजसेवा और खेल से जुड़ी नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया जाता है…

इस बार भी 3 व्यक्तियों को भारत रत्न,3 को ही पद्मविभूषण, 9 लोगो को पद्मभूषण और 73 को पद्मश्री के पुरस्कार से नवाजा गया है .पदम् पुरस्कार पाने वालों की लिस्ट काफी लंबी है लेकिन आज हम आपको भारत रत्न पाने वाले 3 विभूतियों के बारे में बताएंगे… इस लिस्ट में पहला नाम है नानाजी देशमुख का…नाना जी देशमुख को ये अवार्ड मरणोपरांत दिया जा रहा है… नानाजी देशमुख की पहचान एक समाजसेवी और संघ नेता के रूप में रही है… भारत के गांवों की दशा-दिशा बदलने वाले चित्रकूट में किए उनके प्रयोग से भी उनकी एक अलग पहचान है…

बात 1977 की है, जब जनता पार्टी की सरकार में मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने. उन्होंने नानाजी देशमुख (Nanaji Deshmukh) को मंत्री बनने का ऑफर रखा. नानाजी ने यह ऑफर यह कहकर ठुकरा दिया कि 60 वर्ष से अधिक की उम्र के लोगों को सरकार से बाहर रहकर समाजसेवा करनी चाहिए. उन्होंने अपनी जिंदगी चित्रकूट के विकास में लगा दी. वर्ष 2017 में नानाजी देशमुख की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उनको लेकर कई यादगार किस्से सुनाए थे. उन्होंने कहा था “एक बार पब्लिक प्रोग्राम में जयप्रकाशजी पर हमला हुआ.  बगल में खड़े नानाजी ने अपने हाथों पर हमला झेल लिया. इससे उनके हाथ की हड्डियां टूट गईं. मगर जेपी को चोट नहीं लगने दिया.नाना जी देशमुख के ऐसे कई किस्से जो उनकी शख्सियत को महान बनाते है…उन्हें भारत रत्न का अवार्ड दिया जाना वाकई एक अच्छा फैसला है…

भारत रत्न पाने वालों में दूसरा नाम है भूपेन हजारिका का… भूपेन हजारिका (Bhupen hazarika) ऐसे बिरले कलाकारों में रहे जो कि खुद गीत लिखते थे, संगीत देते थे और उसे गाते भी थे. आठ दिसंबर 1926 को असम में जन्मे भूपेन हजारिका का पांच नवंबर 2011 को निधन हो गया था. भूपेन हजारिका के गीतों ने लाखों को दीवाना बनाया. उन्होंने कई गीतों को जादुई आवाज दी. ओ गंगा तू बहती क्यों है… और दिल हूम हूम करे जैसे गीतों ने भूपेन हजारिका को प्रशंसकों को दिलों में हमेशा के लिए बसा दिया.  असम का निवासी होने के कारण भूपेन असमिया संस्कृति और संगीत से भी जुड़े रहे. भूपेन हजारिका का जन्म असम के तिनसुकिया जिले की सदिया में हुआ था. पीएम मोदी ने पिछले दिनों उनके नाम पर भारत का सबसे बड़ा पुल भी समर्पित किया था…


इस लिस्ट में तीसरा नाम है पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का प्रणव मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति रह चुके हैं. उन्होंने 25 जुलाई 2012 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. वह इस पद पर 25 जुलाई 2017 तक रहे. 1984 में प्रणव मुखर्जी वित्तमंत्री रह चुके थे. नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में उन्होंने 1995 से लेकर 1996 तक विदेश मंत्री के रूप में काम किया था.एक जमाने मे कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाने वाले  प्रणव मुखर्जी पिछले साल आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर भी सुर्खियों में रहे. प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न दिया जाना उनके सम्मान में एक और अध्याय जोड़ेगा…
तो ये थी जानकारी उन महानुभावों की जिन्हें इस साल का भारत रत्न दिए जाने का ऐलान हुआ है… नाना जी देशमुख और प्रणव मुखर्जी के बारे में और जानने के लिए आप हमारे दूसरे स्पेशल वीडियोज को हमारे चैनल पर देख सकते है…