वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू होते ही भारत बायोटेक ने किया ऐलान, ‘अगर कोवैक्सीन लगाने से हुआ कोई गलत असर तो…

शनिवार 16 जनवरी 2021 का दिन ऐतिहासिक रहा. क्योंकि इस दिन से देशवासियों को कोरोना वैक्सीन की डोज मिलनी शुरू हो गई. सबसे पहले देश के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइनर्स कोरोना वारियर्स को वैक्सीन की पहली डोज दी जा रही है. पीएम मोदी ने खुद दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की. इसी बीच कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि कोवैक्सीन के लगाए जाने पर दुष्परिणाम सामने आने की स्थिति में कंपनी मुआवजा देगी.

दुनिया के कई देशों में अलग अलग कंपनियों की कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रभाव सामने आये हैं. हालाँकि भारत में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन भारत बायोटेक ने एहतियातन दुष्प्रभाव की स्थिति में मुआवजे का ऐलान किया है. भारत बायोटेक ने कहा कि कोवैक्सीन के लगाए जाने पर किसी लाभार्थी को कोई स्वास्थ्य समस्या होती है तो सरकारी अस्पताल में देखरेख की सुविधा मुहैया कराई जायेगी. इसलिए वैक्सीन दिए जाने वाले शख्स को एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी करना होगा. कंपनी ने ये भी कहा है कि मुआवजा तभी दिया जाएगा जब दुष्प्रभाव का कारण वैक्सीनेशन ही होगा.

आपको बता दें कि भारत बायोटेक द्वारा विकसीत की गई कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के पहले दो क्लिनिकल ट्रायल में वैक्सीनेशन के बाद एंटीडॉट्स उतपन्न करने की क्षमता को देखा गया था. जबकि तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के आंकड़े अभी सामने नहीं आये हैं. वैक्सीन लेने के बाद लाभार्थियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है. साथ ही उन्हें शराब से दूर रहने को भी कहा गया है.

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