कभी क्लब में करती थी वेटर की नौकरी, अब मिला बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर

792

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म अवार्ड ऑस्कर की घोषणा हो गई. ये वो अवार्ड है जिसे पाने का सपना लिए हर साल पूरी में हज़ारों फ़िल्में बनती. इस अवार्ड को पाने का सपना हर एक्टर की आँखों में होता है और जिसे ये अवार्ड मिल जाता है उसके लिए इससे बड़ी ख़ुशी और कुछ नहीं होती.

साल 2020 के ऑस्कर अवार्ड समारोह में जैसे ही घोषणा हुई … ‘और बेस्ट ऐक्ट्रेस का ऑस्कर अवॉर्ड मिलता है ‘जूडी’ के लिए रेने जेलवेगर को’ पूरा हॉल तालियों से गूँज उठा और रेने की आँखों में ख़ुशी के आंसू छलक पड़े. इसे पाने का सपना लिए ही तो वो हॉलीवुड आई थी. रेने इस साल हर अवार्ड समारोह में छाई रही. वैसे ये उनका पहला ऑस्कर नहीं है. इससे पहले भी उन्हें ऑस्कर मिल चुका है लेकिन किसी बायोपिक के लिए उन्हें पहली बार ऑस्कर मिला है.

लेकिन रेने के लिए ये सपना आसान नहीं था. यहाँ तक पहुँचने के लिए रेने ने एक लम्बा संघर्ष किया. कभी कॉलेज की फीस भरने के लिए क्लब में वेट्रेस की नौकरी की और आज जब वो सबसे ऊँचे मकाम पर थीं तो दुनिया उनके लिए तालियाँ बजा रही थी.

रेने पत्रकारिता में अपना कैरियर बनाना चाहती थी. उन्होंने कॉलेज में पत्रकारिता की पढ़ाई भी शुरू की लेकिन नाटकों में हिस्सा लेने के दौरान उनका मन पत्रकारिता से हट गया और एक्टिंग उनका सपना बन गया, रेने के पिता ऑइल रिफाइनिंग के बिजनस में थे. लेकिन जब उनकी नौकरी चली गई तो परिवार में पैसे की दिक्कत हो गई. रेने को अपने कॉलेज की पढाई जारी रखने में दिक्कतें आने लगी. उसके बाद उन्होंने क्लब में वेट्रेस की नौकरी शुरू की ताकि उन पैसों से वो कॉलेज की फीस भर सके.

1992 से उन्होंने छोटी मोटी फिल्मों में काम करना शुरू किया. शुरुआत में उनकी कई फ़िल्में फ्लॉप हुई लेकिन रेने ने हिम्मत नहीं हारी. हर असफलता के साथ उनका अनुभव बढ़ता गया. और आज उन्होंने बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड जीता.